शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर यौन शोषण के तहत केस हुआ दर्ज, FIR में लिखी हुई एक-एक बात जानिए

UP News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ कोर्ट के आदेश के बाद यौन शोषण के आरोपों में केस दर्ज हो गया है. इस मामले को लेकर जो एफआईआर दर्ज की गई है, जानिए उसमें क्या-क्या लिखा हुआ है?

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संतोष शर्मा

22 Feb 2026 (अपडेटेड: 22 Feb 2026, 02:30 PM)

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UP News: ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती लगातार चर्चाओं में बने हुए हैं. फिलहाल उनका उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार से सीधा टकराव देखने को मिल रहा है. इसी बीच शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ यौन शोषण के आरोपों में केस दर्ज भी हो गया है. बता दें कि कोर्ट के आदेश के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य के खिलाफ ये केस दर्ज किया गया है. इसमें पॉक्सो एक्ट जैसी गंभीर धाराएं भी लगाई गई हैं. 

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आपको ये भी बता दें कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य के खिलाफ ये शिकायत आशुतोष ब्रह्मचारी नाम के शख्स ने करवाई है. शिकायतकर्ता का आरोप है कि पीड़ित शिष्य उनके पास आए थे. दोनों काफी लंबे समय से शोषण का शिकार हो रहे थे. दोनों डरे हुए थे, इसलिए सामने नहीं आ रहे थे. 

एफआईआर में क्या-क्या दर्ज है?

मामले में दर्ज की गई एफआईआर में लिखा हुआ है, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य ने 2 शिष्यों के साथ यौन शोषण किया है. दोनों पीड़ितों में से एक नाबालिग है. ये घटनाएं 13 फरवरी साल 2025 से लेकर 15 फरवरी 2026 के बीच हुई हैं. 

एफआईआर में लिखा गया है कि ये घटनाएं कुंभ मेला 2025 और माघ मेला 2026 के दौरान हुई हैं. इस दौरान जो शिविर लगे थे, उनमें इन घटनाओं को अंजाम दिया गया था. एफआईआर में ये भी दावा किया गया है कि शोषण की घटनाएं सिर्फ शिविरों में ही नहीं बल्कि स्वामी कैंप के बाहर खड़ी गाड़ी में भी हुई हैं. आपको ये भी बता दें कि मामले में 2 से 3 अज्ञात को भी आरोपी बनाया गया है. इलाहाबाद कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने ये केस दर्ज किया है. 

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने क्या कहा?

बता दें कि एफआईआर दर्ज होने के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का बयान भी सामने आया है. उन्होंने इसे साजिश करार दिया है. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा, आरोप लगाना अलग बात है और उसे साबित करना अलग बात है. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आगे कहा, अगर हम वैसे होते तो चिंता करते. मगर जब हम पूरी तरह से निर्दोष हैं तो हमें किसी भी बात का डर नहीं है. आपको बता दें कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने साफ कहा है कि उन्हें पुलिस जांच पर भरोसा नहीं है. उन्होंने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. इसी के साथ उन्होंने ये भी साफ कह दिया है कि वह जांच में पूरा सहयोग देंगे.