UP News: वाराणसी के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के बिरला गेट पर BA थर्ड ईयर का छात्र रौशन मिश्रा खड़ा था. तभी वहां कुछ ऐसा हुआ, जिससे हड़कंप मच गया. आरोप है कि छात्र रौशन मिश्रा के ऊपर फायरिंग की गई. गनीमत ये रही की छात्र को गोली नहीं लगी और बदमाश फायरिंग करके भाग गए. मगर इस कांड ने बीएचयू में हड़कंप मचा कर रख दिया.
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क्या हुआ बीएचयू में?
घटना के बाद हॉस्टल के अन्य छात्र भी मौके पर आ गए और वहीं धरने पर बैठ गए. इस दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय के अधिकारियों से इस्तीफा मांगा. छात्रों ने 4 खोखे भी बरामद करके पुलिस को दिए. मौके पर पहुंची पुलिस ने हंगामे की आशंका को देखते हुए हॉस्टल की बिजली कटवा दी और जांच शुरू कर दी. मिली शिकायत के आधार पर हमलावर तीन छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है.
किसपर फायरिंग करने का आरोप?
पीड़ित छात्र रौशन मिश्रा के मुताबिक, वह साढ़े 9 बजे अपने साथी छात्र के साथ हॉस्टल बिरला के गेट पर खड़ा था. आरोप के मुताबिक, तभी वहां पीयूष तिवारी, ऋषभ और तपस नाम के लड़के बाइक से आए और उसके ऊपर चार राउंड फायर कर दिए. इस दौरान एक गोली उसके सिर के पास से तो दूसरी गोली छाती के पास से गुजरी. पीड़ित का कहना है कि जब वह बचकर हॉस्टल की तरफ जाने लगे, तब भी आरोपियों ने पीछे से 2 गोलियां चलाई. मगर वह फिर भी बच गए.
बताया जा रहा है कि घटना के पीछे पुराना विवाद है. पीड़ित का कहना है कि बीएचयू के निष्कासित छात्र क्षितिज उपाध्याय और अभिषेक उपाध्याय के इशारे पर ये सब किया गया है. बता दें कि फायरिंग की घटना के बाद हॉस्टल के सभी छात्र चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ धरने पर बैठ गए. उनका कहना था कि मामले को लेकर पहले से ही चीफ प्रॉक्टर और प्रॉक्टीरियल बोर्ड को बता दिया गया था. मगर फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
पुलिस ने ये बताया
इस पूरे मामले को लेकर एडीसीपी वैभव बांगर ने बताया, सूचना मिली की फायरिंग हुई है. छात्रों की तरफ से तहरीर दी गई है. केस दर्ज करके, मामले की जांच की जा रही है.
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