हाईकोर्ट के जजों का अलग-अलग फैसला...सपा के बागी विधायक अभय सिंह को एक ने किया बरी तो दूसरे ने सुनाई सजा

आशीष श्रीवास्तव

20 Dec 2024 (अपडेटेड: 20 Dec 2024, 06:42 PM)

Allahabad High Court verdict : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने विधायक अभय सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया.

सपा के बागी विधायक अभय सिंह

सपा के बागी विधायक अभय सिंह

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Allahabad High Court verdict : इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने विधायक अभय सिंह के खिलाफ हत्या के प्रयास के मामले में एक बड़ा फैसला सुनाया. लेकिन इस पर अभी भी पेंच फंस गया. कारण, दो जजों ने अलग-अलग फैसले दिए हैं और दोनों के एकमत ना होने से मामला अब चीफ जस्टिस की बेंच में जाएगा. दरअसल, जस्टिस मसूदी ने विधायक अभय सिंह को 3 वर्ष की सजा सुनाई है, जबकि जस्टिस अभय श्रीवास्तव ने उन्हें बरी करने का फैसला दिया है.

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हाईकोर्ट के जजों का अलग-अलग फैसला

यह मामला इसलिए पेचीदा बन गया है क्योंकि दो न्यायाधीशों ने अलग-अलग निर्णय दिए हैं। इस स्थिति के कारण यह मामला अब चीफ जस्टिस की बेंच के पास जाएगा. बता दें कि मामला 2010 का है, जब गोसाईगंज अयोध्या के समाजवादी पार्टी के बागी विधायक अभय सिंह हत्या के प्रयास के इस मामले में नामजद किए गए थे. जस्टिस मसूदी ने उन्हें तीन वर्ष की सजा सुनाई, लेकिन जस्टिस अभय श्रीवास्तव ने उन्हें बरी कर दिया. मामला अब चीफ जस्टिस की बेंच द्वारा हल किया जाएगा.

जा सकती है विधायकी

अगर तीन साल की सजा जारी रहती है, तो इसका सीधा असर अभय सिंह की विधायकी पर पड़ेगा. उनकी विधायकी भी खतरे में आ जाएगी. बता दें कि अभय सिंह माफिया और आपराधिक छवि के नेता माने जाते हैं और उनके खिलाफ कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं. यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में अभय सिंह ने अयोध्या के गोसाईंगंज से सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़कर भाजपा की आरती तिवारी को 13 हजार से अधिक वोटों से हराया था. अब वह सपा के बागी विधायक के रूप में जाने जाते हैं. हाल की घटनाओं में, वह अयोध्या में काफी सक्रिय रहे और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ उनकी मुलाकात भी चर्चा में रही.