UP Political News: यूपी तक के खास शो आज का यूपी हम उत्तर प्रदेश की उन तीन बड़ी खबरों का विश्लेषण करेंगे जो सत्ता के गलियारों से लेकर जमीन तक चर्चा का विषय बनी हुई हैं. पहली खबर में हम आपको बताएंगे कि क्यों बीजेपी के कई विधायक और दिग्गज नेता अब खुलेआम मुस्लिम वोट बैंक की मुखालफत कर रहे हैं? दूसरी खबर में जानिए अनुज चौधरी की संभल मामले में कानूनी शिकंजे के बीच आखिर क्यों गोरखनाथ मंदिर पहुंचे पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी. तीसरी खबर में देखिए पुलिस अधिकारियों को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख के सोशल मीडिया पोस्ट ने क्यों मचाई है खलबली?
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बीजेपी विधायकों के कड़े तेवर- 'हमें नहीं चाहिए मुस्लिम वोट'
बीजेपी के भीतर एक नया और बेहद आक्रामक रुख देखने को मिल रहा है. गोंडा के कटरा से विधायक बावन सिंह ने एक विवादित बयान देते हुए कहा कि प्रधानी के चक्कर में मुस्लिम वोट न बढ़वाएं, क्योंकि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए खतरनाक हो सकता है. वहीं, पूर्व मंत्री सुरेश पासी ने स्पष्ट कर दिया कि वह न तो मजार पर जाते हैं और न ही उन्हें मुस्लिम वोटों की जरूरत है.
पश्चिमी यूपी का बड़ा चेहरा संगीत सोम ने भी अपनी बात दोहराई कि उन्हें इन वोटों की कोई चाहत नहीं है. हालांकि, इन सबके उलट बृजभूषण शरण सिंह जैसे नेता आज भी पुराने रिश्तों की दुहाई देते हुए मुस्लिम समाज के बीच पैठ की बात कर रहे हैं. इस विरोधाभास के बीच बीजेपी का अल्पसंख्यक मोर्चा अब डेटा के साथ यह साबित करने की तैयारी में है कि मुस्लिम महिलाएं और एक बड़ा तबका आज भी पार्टी को वोट देता है.
संभल केस में फंसे अनुज चौधरी पहुंचे गोरखनाथ पीठ
संभल हिंसा और पुलिसिया कार्रवाई के बाद चर्चा में आए एएसपी अनुज चौधरी की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इस तस्वीर में वह मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखपुर के गोरक्षनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करते नजर आ रहे हैं. अदालत द्वारा एफआईआर दर्ज करने के आदेश के बाद अनुज चौधरी का सीधे मुख्यमंत्री के गढ़ में जाकर मत्था टेकना कई सियासी संकेत दे रहा है. चर्चा है कि कानूनी पचड़े से बचने और अपना पक्ष मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए उन्होंने बाबा गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई है.
अखिलेश यादव का पोस्ट और पुलिसकर्मियों में 'डर'
सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अनुज चौधरी की फोटो शेयर करते हुए बीजेपी और पुलिस के गठजोड़ पर हमला बोला. उन्होंने लिखा कि "अब कोई बचाने नहीं आएगा... भाजपा का फॉर्मूला है- पहले इस्तेमाल करो फिर बर्बाद करो." अखिलेश के इस हमले ने उन पुलिस अधिकारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं जो विपक्षी दलों के निशाने पर रहे हैं. यह बयान ऐसे समय आया है जब संभल मामले में पुलिस और न्यायपालिका के बीच एफआईआर को लेकर खींचतान जारी है.
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