28 साल की पायल दरोगा बनते ही पति गुलशन को भूल गई! इस कहानी में तो बहुत ट्विस्ट है

हापुड़ के गुलशन राठौड़ का दर्द सामने आया है. गुलशन ने मजदूरी कर पत्नी पायल को पढ़ाया और दरोगा बनाय. अब पत्नी पायल अपने पति गुलशन को तलाक देने के लिए कह रही है. पायल ने दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया है. गुलशन ने यूपी Tak को अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि ट्रेनिंग के बाद पत्नी के व्यवहार में बदलाव आया और अब वह प्रताड़ित कर रही है.

Photo: Gulshan and Payal (Photo- Gulshan/Insta)

हर्ष वर्धन

09 Jan 2026 (अपडेटेड: 09 Jan 2026, 02:57 PM)

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UP News: उत्तर प्रदेश के हापुड़ में एक ऐसा मामला सामने आया है जो प्रयागराज के मशहूर पीसीएस अफसर ज्योति मौर्य केस की याद दिला रहा है. जैसे उस केस में चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी पति आलोक मौर्य ने आरोप लगाए थे कि उन्होंने अपनी पत्नी को पढ़ा लिखाकर पीसीएस अफसर बनाया और वो उन्हें छोड़ रही है, वैसा ही इस केस में ही देखने को मिल रहा है. ये मामला हापुड़ के गुलशन राठौड़ और उनकी दरोगा पत्नी पायल का है. गुलशन के आरोप हैं कि उन्होंने पहले समाज की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए पायल से अपने प्रेम को साकार करते हुए कोर्ट मैरिज की. फिर उन्होंने मजदूरी करके पायल को पढ़ाया और दरोगा बनने के काबिल बनाया. गुलशन के आरोप हैं कि दरोगा बनते ही पायल पलट गई. न सिर्फ उसका प्रेम हवा हो गया और वो उसे नजरअंदाज करने लगी बल्कि उसने गुलशन और उनके परिवार वालों पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करा दिया. अब गुलशन ने भी पुलिस कप्तान से मुलाकात कर सही जांच की गुजारिश की है. उनकी पत्नी पायल का पक्ष अभी तक सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आया है. 

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इस बीच यूपी Tak ने गुलशन और उनकी पत्नी पायल, दोनों से बात करने की कोशिश की. हमने समझना चाहा कि आखिर इस वायरल मामले की पूरी कहानी क्या है. हमारी बात गुलशन से फोन पर हुई लेकिन पायल का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया. यहां नीचे आप गुलशन से हुई बातचीत के अंश पढ़ सकते हैं और उनके नए आरोपों के बारे में भी जान सकते हैं. पायल का पक्ष आते ही इस खबर को अपडेट किया जाएगा.

दोनों की मुलाकात कब और कैसी हुई थी? 

गुलशन ने बताया, "साल 2016 में हम एक पार्क में एक मिले थे. बातचीत शुरू हुई. दोस्ती प्यार में बदल गई. हम दोनों के बीच लंबे समय से रिलेशन था. हमें डर था कि मां-बाप नहीं मानेंगे. इसलिए हम दोनों की सहमति से मैंने बिना दहेज के कोर्ट मैरिज कर ली. इसमें मैंने अपनी तरफ से भी काफी मदद की थी."

'मैंने घर की पाबंदियों से बचाकर उसे अपने दम पर पढ़ाया'

गुलशन ने कहा, "मैं दिन में मेहनत-मजदूरी करता था और रात में खुद भी पढ़ता था. मैंने घर की पाबंदियों से बचाकर उसे अपने दम पर पढ़ाया. इस सबके लिए मैंने करीब साढ़े तीन लाख रुपये खर्च किए. 12 मार्च 2023 को उसे मुरादाबाद पीटीएस (ट्रेनिंग) के लिए भेजा गया. एक साल की ट्रेनिंग तक सब कुछ ठीक रहा."

रिश्तों में बदलाव कब और कैसे आया? 

गुलशन राठौर के मुताबिक, "जैसे ही उसे बरेली में पोस्टिंग मिली, उसका व्यवहार बदल गया. एक बार वह घर आई और अपना सारा सामान लेकर चली गई. उसके बाद जब मैंने फोन किया तो फोन स्विच ऑफ मिलने लगा. जब मैं उसके रूम पर पहुंचा, तो उसने मुझसे बदतमीजी की और धमकी दी कि जेल भिजवा दूंगी. उसने मेरा नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है."

'पिछले 17-18 महीनों से मुझे तलाक के लिए प्रताड़ित कर रही है'

बकौल गुलशन, "वह अब सीधे तौर पर कहती है कि मेरी शादी नहीं हुई, मेरा तुमसे कोई ताल्लुक नहीं है. वह पिछले 17-18 महीनों से मुझे तलाक के लिए प्रताड़ित कर रही है. वह कहती है कि या तो मुझे तलाक दो या फिर जाकर कहीं जहर खाकर मर जाओ."

गुलशन ने तलाक देने से क्यों किया मना?

गुलशन ने कहा, "मैंने अपनी पढ़ाई और करियर छोड़कर उसके पीछे इतना वक्त और पैसा लगाया. मैंने उससे कहा कि मैं तलाक नहीं दे सकता क्योंकि मैं उसके साथ रहना चाहता हूं. मैंने उसे इसलिए पढ़ाया क्योंकि उसने कहा था कि सब लड़कियां एक जैसी नहीं होतीं. लेकिन अब उसका पूरा परिवार मेरे खिलाफ एकजुट हो गया है."

'मेरा परिवार मेरे साथ है'

गुलशन ने बताया, "मेरा परिवार मेरे साथ है. मैं अपने माता-पिता का इकलौता कमाने वाला बेटा हूं. अब वह मेरे खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा कर चली गई है."

हापुड़ से देवेंद्र शर्मा के इनपुट्स के साथ. 

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