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'आजम खान की सलाह से होगा टिकट फाइनल...' अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद तंजीम फातिमा ने दिया बयान

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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात की और उनके परिवार से भी बातचीत की है. आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा ने इस मुलाकात को पारिवारिक बताते हुए दोनों नेताओं के बीच किसी भी राजनीतिक मतभेद से इनकार किया है.

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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रामपुर पहुंचकर वरिष्ठ नेता आजम खान से जेल में मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने आजम खान के परिवार से उनके घर जाकर भी बात की. आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा ने इस मुलाकात को पूरी तरह से पारिवारिक बताया और कहा कि आजम साहब, अखिलेश जी को अपनी औलाद की तरह मानते हैं. उन्होंने यह भी साफ किया कि दोनों नेताओं के बीच कोई राजनीतिक मतभेद नहीं है. 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर तंजीम फातिमा ने कहा कि टिकट का फैसला पार्टी करेगी, लेकिन आजम खान से राय-मशविरा जरूर लिया जाएगा. 

मुलाकात पूरी तरह पारिवारिक थी

अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद तंजीम फातिमा ने मीडिया को बताया कि यह बातचीत पूरी तरह से पारिवारिक थी. उन्होंने कहा कि परिवार जिन मुश्किल हालातों का सामना कर रहा है, उस बारे में अखिलेश जी से चर्चा हुई. तंजीम फातिमा ने जोर देकर कहा कि अखिलेश यादव और आजम खान के बीच कोई विवाद या मतभेद नहीं है. उन्होंने कहा कि आजम साहब हमेशा अखिलेश को अपने बच्चे की तरह मानते हैं. 2027 के चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी जो भी फैसला करेगी, वह सबको मंजूर होगा.

ओवैसी के बयान पर कोई टिप्पणी नहीं

हाल ही में रामपुर में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक रैली की थी. इस रैली में उन्होंने आजम खान के लिए दुआ मांगी और अखिलेश यादव पर निशाना साधा था. जब तंजीम फातिमा से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ओवैसी साहब भी उनके लिए सम्माननीय हैं और वह उनका बहुत सम्मान करती हैं. हालांकि, उन्होंने ओवैसी के किसी भी बयान पर कोई टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया.

15 सीटों की हो रही है चर्चा

सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव और आजम खान के बीच रामपुर मंडल की 15 सीटों को लेकर चर्चा हो रही है. माना जा रहा है कि आजम खान इन सीटों पर अपने पसंदीदा उम्मीदवार उतारना चाहते हैं. लोकसभा चुनाव के दौरान भी कुछ सीटों को लेकर दोनों नेताओं के बीच तनातनी देखने को मिली थी. हालांकि, अब अखिलेश यादव ने जेल से बाहर आकर बयान दिया है कि 'आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे.' इससे यह संकेत मिलता है कि 2027 के चुनावों से पहले पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक करने की कोशिश की जा रही है.