आरक्षण की मांग को लेकर दिल्ली में ताकत दिखाएंगे संजय निषाद, 21 तारीख को प्रदर्शन का ऐलान
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निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद आरक्षण की मांग को लेकर 21 तारीख को दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे. सरकार में रहते हुए उनके इस रुख पर उठ रहे हैं सवाल.
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद पूर्वांचल में आरक्षण की मांग को लेकर लगातार आवाज उठा रहे हैं. उनका कहना है कि उनके समाज को अब तक उचित आरक्षण नहीं मिला है, जिसके लिए वे सरकार का हिस्सा रहते हुए ही लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी क्रम में 21 तारीख को दिल्ली में एक बड़े प्रदर्शन का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें वे अपने हक और अधिकारों के लिए जोर देंगे. इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य समाज को एकजुट करना और सरकार को उनकी मांगों का एहसास कराना है.
एकजुटता और भविष्य की लड़ाई
संजय निषाद के अनुसार, समाज में बिखराव होने के कारण ही अब तक उनकी मांगों को अनसुना किया जाता रहा है. लेकिन अब एकजुट होकर दिल्ली में अपनी ताकत का प्रदर्शन किया जाएगा. उन्होंने दावा किया कि यह प्रदर्शन उनके समाज और आने वाली पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इससे पहले उन्होंने 2 अक्टूबर की तारीख भी दी थी, जिससे राजनीतिक दबाव बढ़ा है.
सरकार में रहकर प्रदर्शन पर उठते सवाल
हालांकि, संजय निषाद खुद प्रदेश सरकार में मंत्री हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन करने की उनकी रणनीति कई तरह के सवाल खड़े कर रही है. इससे यह प्रतीत होता है कि वे चुनावी माहौल में अपने समाज को एक बड़ा संदेश देना चाहते हैं, या फिर इसके पीछे उनका इरादा कुछ और भी हो सकता है.
अखिलेश यादव का बयान और बदलती सियासत
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. अखिलेश यादव ने कहा है कि कई राजनीतिक दल इस समय मोलभाव करने में लगे हुए हैं और इनमें संजय निषाद सबसे ज्यादा नाराज महसूस कर रहे हैं, जो जल्द ही अपनी ताकत दिखाएंगे. माना जा रहा है कि ये तमाम राजनीतिक समीकरण उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों को गहराई से प्रभावित कर सकते हैं.
