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गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक MLC चुनाव के बीच बीजेपी से बागी होकर सपा में आए संजयन त्रिपाठी ने किया बड़ा दावा

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी चुनाव में सपा प्रत्याशी डॉ. संजयन त्रिपाठी ने जीत का भरोसा जताया. बीजेपी से बगावत कर सपा में आए त्रिपाठी ने पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षकों के मानदेय और अधिकारों को प्रमुख चुनावी मुद्दा बताया.

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Sanjayan Tripathi
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गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का सियासी पारा इन दिनों सातवें आसमान पर है. समाजवादी पार्टी ने अपने घोषित उम्मीदवार कमलेश यादव का टिकट काटकर भारतीय जनता पार्टी के बागी नेता डॉ. संजयन त्रिपाठी को अपना नया उम्मीदवार बनाया है. बीजेपी से टिकट न मिलने के बाद बगावत कर सपा का दामन थामने वाले डॉ. संजयन त्रिपाठी ने पार्टी में अपने अब तक के सफर, शिक्षकों के मुद्दों और आगामी चुनाव की स्ट्रैटजी को लेकर खुलकर बात की है.

बीजेपी से बगावत और सपा में शामिल होने का अनुभव

डॉ. संजयन त्रिपाठी ने बताया कि पार्टी में आए उन्हें अभी महज 20 दिन ही हुए हैं. लेकिन इन कुछ दिनों में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और 17 जिलों के सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं, विधायकों व पूर्व मंत्रियों ने उन्हें जिस तरह हाथों-हाथ लिया है, वह अविस्मरणीय है. उन्होंने कहा कि पहले जब वह दूसरी तरफ थे तो असहज महसूस करते थे. लेकिन अब सपा परिवार में आने के बाद वह पूरी तरह सहज महसूस कर रहे हैं और पार्टी के नेता का  स्वभाव ही उनकी सबसे बड़ी सफलता का कारण है.

शिक्षकों के मुद्दों पर वर्तमान नेतृत्व और सरकार पर निशाना

डॉ. त्रिपाठी का आरोप है कि पिछले 20 सालों से शिक्षक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. मठाधीशी राजनीति करने वाले लोग चुनाव जीतकर सदन में तो पहुंच जाते थे. लेकिन 6 साल सिर्फ आराम करते थे और शिक्षकों के वास्तविक मुद्दों को अनसुना कर देते थे. उन्होंने विरोधी प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी और सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पिछली बार भी उन्हें मुख्यमंत्री और पार्टी का आशीर्वाद प्राप्त था, तो पिछले 6 सालों में पुरानी पेंशन (OPS) की बहाली और शिक्षकों के लंबित मानदेय का निस्तारण क्यों नहीं कराया गया? इसका मतलब साफ है कि न तो सरकार की नीयत ठीक थी और न ही नीति.

बड़े अंतर से जीत का दावा

डॉ. संजयन त्रिपाठी ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के पास शिक्षकों के अधिकारों को लेकर स्पष्ट दृष्टिकोण और नियत है. हालांकि उन्होंने आंकड़ों का कोई सटीक दावा करने से इनकार किया. लेकिन उनका पूरा आत्मविश्वास इस बात की गवाही दे रहा है कि इस बार गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला बेहद दिलचस्प होगा और वह बड़े अंतर से जीत हासिल करने जा रहे हैं.

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