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गणेश-त्रिशूल से नजदीकी, मुख्तार से दूरी! मायावती की इस सियासत के चुनावी मायने क्या?

पिछले कुछ दिनों के भीतर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने एक के बाद एक बड़े राजनीतिक फैसले लिए. पहले तो वह 7 सितंबर…

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पिछले कुछ दिनों के भीतर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने एक के बाद एक बड़े राजनीतिक फैसले लिए. पहले तो वह 7 सितंबर को लखनऊ में पार्टी के प्रबुद्ध सम्मेलन में नजर आईं और उनके हाथ में त्रिशूल और गणेश की मूर्ति दिखी. मंच से जयश्री राम के नारे भी लगे. फिर 10 सितंबर को मायावती ने बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के टिकट काटने का ऐलान कर दिया. गणेश और त्रिशूल संग माया की तस्वीर या मंच से लगते जयश्री राम के नारे की व्याख्या बीएसपी के सॉफ्ट हिंदुत्व के एजेंडे की तरफ शिफ्ट होने की इशारा कर रहे हैं. वहीं चुनाव से ऐन पहले बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के टिकट काटने से यह सवाल भी खड़ा हुआ है क्या मायावती को मुस्लिम वोटर्स की परवाह नहीं?