मैनपुरी उपचुनाव: अखिलेश-शिवपाल की जोड़ी ने बढ़ाईं BJP की मुश्किलें! पार्टी बना रही 'प्लान-B'

यूपी इलेक्शन | Mainpuri Bypoll
मैनपुरी उपचुनाव: अखिलेश-शिवपाल की जोड़ी ने बढ़ाईं BJP की मुश्किलें! पार्टी बना रही 'प्लान-B'
फोटो: समाजवादी पार्टी/ ट्विटर

Mainpuri Byelection: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी में लोकसभा का उपचुनाव होना है. समाजवादी पार्टी (सपा) ने यहां से पार्टी चीफ अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को टिकट दिया है. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने डिंपल यादव के खिलाफ मुलायम सिंह यादव के शिष्य और जसवंत नगर से सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव के खासम खास रहे रघुराज सिंह शाक्य को चुनाव मैदान में उतारकर 'सियासी चाल' चली थी. मगर भाजपा की यह 'चाल' तब फीकी पढ़ गई जब अखिलेश ने अपने चाचा शिवपाल के साथ आने का ऐलान किया.

अब ऐसे में जब अखिलेश चाचा शिवपाल के साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं, तो भाजपा भी अब अपने 'प्लान-B' पर काम कर रही है.

मैनपुरी में ये है BJP का 'प्लान-B'

UP Politics: मिली जानकारी के अनुसार, अखिलेश-शिवपाल के साथ आने के बाद बीजेपी ने 'प्लान-B' पर काम शुरू कर दिया है. पार्टी अब माइक्रो मैनेजमेंट के सहारे मैनपुरी उपचुनाव को लड़ेगी. यूपी बीजेपी के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने मैनपुरी में मोर्चा संभाल लिया है. वह हर विधानसभा में अलग-अलग बैठक कर रहे हैं.

बीजेपी ने संगठन के कई नेताओं को मैनपुरी भेजा दिया है. यूपी बीजेपी के महामंत्री और एमएलसी अश्विनी त्यागी को मैनपुरी लोकसभा की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, बूथ स्तर पर प्रबंधन को त्र्यम्बक त्रिपाठी देखेंगे. पंजाब के पूर्व संगठन मंत्री दिनेश कुमार को पार्टी ने बैठकों की जिम्मेदारी दी है.

बता दें कि कानपुर-बुंदेलखंड के अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह को जसवंत नगर की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, करहल विधानसभा में एमएलसी सुभाष यदुवंश को जिम्मेदारी सौंपी गई है. किश्नी विधानसभा में पार्टी उपाध्यक्ष संतोष सिंह को जिम्मेदारी दी गई है. इसके अलावा, बीजेपी ने शक्ति केंद्र, मंडल और जिले के भी प्रभारी तय किए हैं. शक्ति केंद्र में प्रवासी के रूप में बाहरी जिलों के कार्यकर्ताओं को बुलाया गया है.

अखिलेश ने शिवपाल के लिए क्या कहा?

रविवार को अखिलेश ने सैफई में मंच से कहा था,

"कई बार लोग कहते हैं कि बहुत दूरियां हैं, मैं आप सब को बता दूं चाचा और भतीजे में दूरियां नहीं थीं, राजनीति में दूरियां थीं. मुझे आज खुशी है कि राजनीति की भी आज दूरियां खत्म हो गईं. अब घबराहट तो बीजेपी को हो रही होगी और इसलिए भी हो रही होगी कि वो जानते हैं कि जसवंतनगर ने अगर मन बना लिया और करहल साथ चल दिया, मैनपुरी ठीक हो गई, किशनी के लोग मन बनाए बैठे हैं और भोगांव भी जीतने जा रहे हैं तो सोचो परिणाम क्या होगा इस बार."

अखिलेश यादव

गौरतलब है कि सपा संथापक और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी में लोकसभा का उपचुनाव हो रहा है. बता दें कि उपचुनाव के लिए 5 दिसंबर को वोटिंग होगी जबकि 8 दिसंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे.

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