12 जुलाई को बुंदेलखंड को विकास का एक्सप्रेस-वे मिलेगा. जालौन के कैथेरी गांव में पीएम मोदी करेंगे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण. 28 महीने में बनकर तैयार हुआ है बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे. 4 लेन वाले चौड़े बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का भविष्य में 6 लेन तक हो सकता है विस्तार. प्रदेश में चित्रकूट, बांदा, हमीरपुर, महोबा, जालौन, औरैया और इटावा से गुजरेगा एक्सप्रेस-वे. एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश और निकासी के लिए कुल 13 स्थानों पर इंटरचेंज की सुविधा है. परियोजना के आस-पास सर्विस रोड का भी निर्माण किया जा रहा है. ट्रैफिक सुरक्षा के लिए एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था प्रक्रियाधीन है. एक्सप्रेस-वे के आरओडब्ल्यू के अंतर्गत लगभत 7 लाख पौधे रोपे जा रहे हैं. एक्सप्रेस-वे निर्माण के अंतर्गत 4 रेलवे ओवर ब्रिज, 14 दीर्घ सेतु का हुआ निर्माण हुआ है. 6 टोल प्लाजा, 7 रैंप प्लाजा, 293 लघु सेतु, 19 फ्लाई ओवर और 224 अंडरपास का निर्माण हुआ है. एक्सप्रेस-वे परियोजना के 6 पैकेजों के बिल्डरों का चयन ई-टेंडरिंग से किया गया. परियोजना में न्यूनतम निविदा अनुमानित लागत से 12.72 फीसदी कम हुई. यूपीडा को हुआ लगभग 1132 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है. एक्सप्रेस-वे के किनारे बांदा और जालौन में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की कार्यवाही शुरू हो गई है. परियोजना का शिलान्यास 29 फरवरी, 2020 को पीएम मोदी ने किया था. यूपीतक पर ऐसी ही खबरों को पढ़ने के लिए क्लिक करें uptak.in पर: