Opinion: संसद में चंदा चोरी का ड्रामा सनातन धर्म का अपमान है, राम मंदिर को बदनाम करने की मंशा हुई जगजाहिर!
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर संसद में पप्पू यादव द्वारा किए गए साधु के भेष में विरोध प्रदर्शन से करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है. लेखक ने इस लेख में तर्क दिया है कि चंदा चोरी करने वाले दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इस मामले को पूरे मंदिर और सनातन आस्था से जोड़कर राजनीतिक विवाद नहीं बनाया जाना चाहिए.
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Pappu Yadav Parliament Protest
Opinion: राम मंदिर केवल एक भौतिक संरचना नहीं है. यह करोड़ों हिंदू श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है. सनातन धर्म की जीवंतता का प्रमाण है और पांच सौ वर्षों की संघर्ष-गाथा का साक्षात स्वरूप है. जब देश की संसद में इस पवित्र स्थल के चढ़ावे की चोरी को लेकर विपक्ष द्वारा ड्रामा रचा जा रहा है, तो वह मात्र राजनीतिक बहस नहीं बल्कि सनातन धर्म के प्रति गहरा अपमान और राम मंदिर को बदनाम करने की स्पष्ट मंशा है.
