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Opinion: कुर्मी अस्मिता का सवाल...धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से यूपी में सपा के लिए नई चुनौती?

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा क्या सिर्फ NEET विवाद का नतीजा है या इसके पीछे यूपी की 2027 की सबसे बड़ी जातिगत जंग छिड़ गई है? इस ओपिनियन लेख में पढ़ें कैसे अखिलेश यादव का 'PDA कार्ड' कुर्मी समाज के अस्मिता के सवाल में उलझता दिख रहा है और 128 सीटों पर असर रखने वाली यह जाति 2027 के चुनाव में किसके लिए किंगमेकर साबित होगी.

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धर्मेंद्र प्रधान का केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा राष्ट्रीय स्तर पर NEET-UG पेपर लीक विवाद और छात्र आंदोलन का प्रत्यक्ष परिणाम था. लेकिन उत्तर प्रदेश की जाति-केंद्रित राजनीति में इसे कुर्मी समाज की अस्मिता पर हमले के रूप में देखा जा रहा है. प्रधान कुर्मी जाति से हैं और ओडिशा से आते हैं. विपक्ष, खासकर सपा ने इसे अपनी बड़ी जीत बताया, लेकिन यूपी के कुछ कुर्मी वर्गों में यह धारणा बन रही है कि अखिलेश यादव की अगुवाई वाली सपा ने गैर-यादव OBC नेता को निशाना बनाकर अपनी यादव-केंद्रित छवि दोहराई है.