Opinion: विधानसभा चुनाव 2027...अवध और पूर्वांचल में बड़ा फैक्टर बनेंगे महाराजा सुहेलदेव और सालार मसूद गाज़ी
Opinion: अवध-पूर्वांचल की राजनीति में महाराजा सुहेलदेव और सालार मसूद गाजी की विरासत नया चुनावी मुद्दा बन रही है, जिससे राजभर वोट बैंक और पीडीए समीकरण प्रभावित हो सकते हैं.
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Voting Representational Photo
Opinion: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणभूमि में अवध और पूर्वांचल क्षेत्र हमेशा से निर्णायक साबित होते रहे हैं. इन इलाकों की राजनीति जातीय समीकरणों, ऐतिहासिक गौरव और सांप्रदायिक-सामाजिक ध्रुवीकरण पर टिकी हुई है. इस बार तकरीबन 1000 साल पुराने दो ऐतिहासिक व्यक्तित्व महाराजा सुहेलदेव राजभर और सालार मसूद गाज़ी चुनावी समीकरणों को गहराई से प्रभावित करने जा रहे हैं. एक तरफ जहां महाराजा सुहेलदेव हिंदू प्रतिरोध और स्थानीय गौरव के प्रतीक हैं, वहीं महमूद गजनवी के भांजे और सेनापति सैयद सालार मसूद गाज़ी को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और एआईएमआईएम की साझा रणनीति अब नई बहस खड़ी करने लगी है.
