लेटेस्ट न्यूज़

इससे अच्छा गोली मार देते....स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ FIR दर्ज होते ही भड़के मुकुंदानंद ब्रह्मचारी, इमोशनल होकर कही ये बात

Mukundananda Brahmachari: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ प्रयागराज में यौन शोषण और पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है. इस गंभीर कार्रवाई पर मुकुंदानंद ब्रह्मचारी भावुक हो गए और आरोपों को एक बड़ी साजिश करार दिया.

Video Thumbnail

ADVERTISEMENT

social share
google news

Mukundananda Brahmachari: ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट के आदेश के बाद प्रयागराज के झूंसी थाने में स्वामी और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ यौन शोषण के गंभीर आरोपों में FIR दर्ज की गई है. इस कार्रवाई के बाद मुकुंदानंद ब्रह्मचारी कैमरे के सामने भावुक हो गए और उन्होंने इन सभी आरोपों को एक सोची-समझी बड़ी साजिश बताया है.

'आरोप लगाने वाला खुद हिस्ट्रीशीटर'

मुकुंदानंद ब्रह्मचारी ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दावा किया कि आशुतोष कोई धर्मगुरु नहीं बल्कि एक A श्रेणी का अपराधी और हिस्ट्रीशीटर है. मुकुंदानंद के अनुसार आशुतोष का नाम शामली के कांधला थाने में हिस्ट्रीशीटर की सूची में दर्ज है. आशुतोष पर अधिकारियों और नेताओं से वसूली करने और फर्जी मुकदमे दर्ज कराने का पुराना इतिहास है. उन पर दिल्ली से गिरफ्तारी और 25 बीघा जमीन फर्जीवाड़े के भी आरोप लग चुके हैं.

'गंदा आरोप लगाकर बदनाम करने की कोशिश'

शिष्य मुकुंदानंद ने कहा कि शंकराचार्य जी को उनके कड़े और सत्य वचनों के कारण निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि 'शंकराचार्य जैसे पद की प्रतिष्ठा का तो ध्यान रखते. आप वैमनस्य में गोली मार देते लेकिन इतना घृणित आरोप लगाकर आपने पूरी मर्यादा तार-तार कर दी.' उन्होंने यह भी कहा कि विद्यामठ में बटुकों की सेवा और शिक्षा के लिए जो कार्य स्वामी जी ने किया है वह अतुलनीय है. मुकुंदानंद ने आगे कहा कि यदि शंकराचार्य जी सरकारों की चाटुकारिता करते तो आज वे भी प्राइवेट जेट में घूम रहे होते. लेकिन उन्होंने गौ, गंगा और धर्म के संरक्षण का कठिन मार्ग चुना है.

यह भी पढ़ें...

क्या है पूरा विवाद?

यह पूरा मामला माघ मेले के दौरान शुरू हुआ जिसकी परतें अब खुल रही हैं. रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने दावा किया कि 18 जनवरी को दो बच्चों ने उनके पास आकर आश्रम में यौन शोषण की बात कही. पुलिस द्वारा शुरुआत में केस दर्ज न करने पर आशुतोष ने पॉक्सो कोर्ट में अर्जी दी. 20 फरवरी को कोर्ट ने बच्चों के बयान दर्ज किए और 21 फरवरी को झूंसी पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दिया. अब पांच सदस्यीय SIT मामले की जांच कर रही है. साक्ष्य के तौर पर उस गाड़ी और स्थल का नक्शा नजरी तैयार किया गया है जहां शोषण का आरोप है.

गिरफ्तारी की लटकी तलवार

पुलिस फिलहाल पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण करा रही है और कलमबंद बयान जुटाए जा रहे हैं. जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है वे बेहद गंभीर हैं. कानूनी जानकारों का मानना है कि अगर प्राथमिक जांच में साक्ष्य पुख्ता पाए जाते हैं तो स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मुकुंदानंद की गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है.