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सिंगापुर पहुंचे CM योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले की ये खास मीटिंग, क्या क्या हुआ सब जानिए

CM Yogi Adityanath in Singapore:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपनी तीन दिवसीय सिंगापुर यात्रा पर हैं जहां उनका भव्य स्वागत किया गया.इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यूपी को ग्लोबल निवेश हब बनाना और सिंगापुर के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है.

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CM Yogi Adityanath in Singapore
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CM Yogi Adityanath in Singapore:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने तीन दिवसीय यात्रा पर सिंगापुर पहुंच चुके हैं. वहां पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया.  इस यात्रा के दौरान सीएम योगी सिंगापुर के राजनीतिक नेतृत्व के साथ उच्च स्तरीय बैठकें करेंगे जिनमें प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग, विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन, श्रम मंत्री टैन सी लेंग और सिंगापुर के राष्ट्रपति शामिल हैं.  इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है. साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में संस्थागत साझेदारी को सुदृढ़ करना है.

GIC के सीईओ से मुलाकात

इस दौरे के पहले चरण में मुख्यमंत्री ने दुनिया के सबसे बड़े सॉवरेन वेल्थ फंड्स में से एक, जीआईसी (गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर इन्वेस्टमेंट कॉर्पोरेशन) के सीईओ मिस्टर लिम चाउ कियात और उनकी टीम के साथ  मीटिंग की. सीएम ने GIC को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए राज्य की खूबियां गिनाईं जिसमें यूपी में पारदर्शी और स्थिर औद्योगिक नीतियां, देश का सबसे बड़ा बाजार और तेजी से विकसित होता एक्सप्रेसवे और औद्योगिक कॉरिडोर जैसी बातें शामिल थीं.

टेमासेक के चेयरमैन से चर्चा के दौरान सीएम ने यूपी में संप्रभु निवेश भागीदारी पर बात की, जिसमें डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स हब, रिन्यूएबल एनर्जी और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश जैसे क्षेत्र शामिल हैं.उन्होंने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को राज्य के मजबूत नीतिगत ढांचे और फास्ट-ट्रैक क्लीयरेंस सिस्टम के बारे में भी जानकारी दी. ये बैठक वैश्विक निवेशकों को यूपी की ओर आकर्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है.

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उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है और सबसे तेजी से विकसित हो रही बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. इसका सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 2024-25 में बढ़कर ₹30.25 लाख करोड़ हो गया और 2025-26 में लगभग ₹36 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है. राज्य निवेशकों के लिए एक व्यापक सुविधा ढांचा प्रदान करता है जिसमें डिजिटल सिंगल-विंडो सिस्टम और क्षेत्र-विशिष्ट नीतियां शामिल हैं. सिंगापुर भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का सबसे बड़ा स्रोत है जिसने वित्त वर्ष 2024-25 में ₹14.94 बिलियन का योगदान दिया और बुनियादी ढांचे, रसद, वित्तीय सेवाओं और डिजिटल निवेश में एक प्रमुख भागीदार बना हुआ है.