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उमेश पाल हत्याकांड में नया अपडेट, अतीक अहमद के करीबी अरमान बिहारी को मिला सरकारी वकील

उत्तर प्रदेश के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी मोहम्मद अरमान उर्फ अरमान बिहारी को अब अदालत में सरकारी वकील की मदद मिलेगी. प्रयागराज जिला न्यायालय में निजी वकील नहीं होने पर अरमान ने निशुल्क कानूनी सहायता देने की मांग की थी.

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अरमान बिहारी
अरमान बिहारी कोर्ट में पेशी के दौरान
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Arman Bihari News: उत्तर प्रदेश के चर्चित उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी मोहम्मद अरमान उर्फ अरमान बिहारी को अब अदालत में सरकारी वकील की मदद मिलेगी. प्रयागराज जिला न्यायालय में निजी वकील नहीं होने पर अरमान ने निशुल्क कानूनी सहायता देने की मांग की थी. इसके बाद उसके लिए चीफ डिफेंस काउंसिल विकास गुप्ता को अधिवक्ता नियुक्त किया गया है. अरमान पर उमेश पाल और उनके दो सरकारी सुरक्षाकर्मियों की हत्या में शामिल होने का आरोप है. इस मामले में पुलिस ने उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. तीन साल से अधिक समय तक उसकी तलाश चलती रही. अब उमेश पाल हत्याकांड के साथ गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मुकदमे में भी उसकी ओर से विकास गुप्ता पैरवी करेंगे.

अरमान ने मांगी कानूनी मदद

अरमान को 5 अक्टूबर 2026 को प्रयागराज की विशेष अदालत में पेश किया गया था. पेशी के दौरान सामने आया कि उसके पास निजी वकील नहीं है. इसके बाद उसने अदालत से निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई. मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश कुमार मयंक ने इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पत्र लिखा. अदालत की पहल के बाद अरमान को सरकारी कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पूरी की गई. अब चीफ डिफेंस काउंसिल विकास गुप्ता उसके अधिवक्ता के रूप में अदालत में पक्ष रखेंगे.

कौन हैं अरमान के सरकारी वकील विकास गुप्ता?

अरमान की पैरवी के लिए विकास गुप्ता को नियुक्त किया गया है. वह चीफ डिफेंस काउंसिल के रूप में जरूरतमंद आरोपियों और कैदियों को निशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का काम करते हैं. उनके बारे में बताया गया है कि वह अब तक सैकड़ों गरीब कैदियों को मुफ्त कानूनी मदद दिला चुके हैं. ऐसे लोगों को कानूनी प्रतिनिधित्व उपलब्ध कराना इस व्यवस्था का उद्देश्य है, जो आर्थिक परेशानी के कारण निजी वकील की फीस नहीं दे सकते. अरमान के मामले में भी निजी अधिवक्ता नहीं होने के कारण निशुल्क कानूनी सहायता मांगी गई थी. अब विकास गुप्ता उमेश पाल हत्याकांड और गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मुकदमों में उसकी ओर से पैरवी करेंगे.

उमेश पाल और दो सरकारी गनर की हत्या में आरोपी है अरमान

प्रयागराज में 24 फरवरी 2023 को उमेश पाल पर हमला किया गया था. इस वारदात में उमेश पाल और उनके दो सरकारी सुरक्षाकर्मियों की हत्या हुई थी. पुलिस ने अरमान को इस मामले में आरोपी बनाया है. पुलिस के मुताबिक, हमले के दौरान अरमान हेलमेट पहनकर बाइक पर आया था और उसके साथ गुड्डू मुस्लिम भी था. पुलिस का दावा है कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में अरमान को गोली चलाते हुए देखा गया था. जांच के दौरान उसे उन आरोपियों में शामिल किया गया, जिनकी वारदात के बाद तलाश की जा रही थी. हालांकि, उसके खिलाफ आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में सुनवाई और साक्ष्यों के आधार पर होगा.

तीन साल से ज्यादा समय तक पुलिस करती रही तलाश

उमेश पाल हत्याकांड के बाद अरमान फरार हो गया था. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने लगातार तलाश की और उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया. तीन साल से अधिक समय तक उसकी तलाश चलती रही. बाद में पुलिस को जानकारी मिली कि अरमान बिहार की गया केंद्रीय जेल में बंद है. इसके बाद उसे प्रयागराज लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई. ट्रांजिट और रिमांड की प्रक्रिया के तहत उसे प्रयागराज की अदालत में पेश किया गया. 5 अक्टूबर 2026 को हुई पेशी के दौरान ही उसके पास निजी वकील नहीं होने की बात सामने आई. इसके बाद उसने अदालत से निशुल्क कानूनी सहायता मांगी और सरकारी अधिवक्ता नियुक्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी.

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बिहार में भी कई आपराधिक मामलों का जिक्र

अरमान के खिलाफ बिहार के अलग-अलग जिलों में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है. एक अंडा विक्रेता पर गोली चलाने के मामले में भी उसे वांछित बताया गया था. इसी मामले के सिलसिले में उसने बिहार के सहरसा में सरेंडर किया था, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया. बाद में पुलिस को उसके गया केंद्रीय जेल में बंद होने की जानकारी मिली. इसके बाद प्रयागराज पुलिस ने उसे यहां लाने की प्रक्रिया शुरू की. उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी होने के अलावा अरमान को गैंगस्टर एक्ट से जुड़े मामले में भी अदालत में पेश होना है. इन मामलों में आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी.

गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में 22 अक्टूबर को पेशी

उमेश पाल हत्याकांड के अलावा अरमान के खिलाफ प्रयागराज में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी मुकदमा चल रहा है. विशेष गैंगस्टर अदालत ने 9 अक्टूबर को उसे 22 अक्टूबर 2026 को गया जेल से तलब करने के लिए उपस्थिति वारंट जारी करने का निर्देश दिया था. इस मामले में गुड्डू मुस्लिम और साबिर भी आरोपी हैं. अब अरमान की ओर से दोनों मामलों में सरकारी अधिवक्ता विकास गुप्ता पैरवी करेंगे. अदालत में उसकी पेशी और मुकदमों की सुनवाई के दौरान आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी. सरकारी वकील की नियुक्ति से उसे अपना पक्ष रखने के लिए कानूनी प्रतिनिधित्व उपलब्ध होगा.

अतीक अहमद के परिवार से संपर्क की भी चर्चा

अरमान के अतीक अहमद के परिवार से संपर्क को लेकर भी जानकारी सामने आई है. बताया जाता है कि वह अतीक अहमद के लिए काम करने वाले मल्ली के साथ रहा करता था. इसी माध्यम से उसकी मुलाकात अतीक अहमद के परिवार से होने की बात कही जाती है. जानकारी के मुताबिक, जब अतीक अहमद जेल में था और शाइस्ता परवीन चुनाव प्रचार करती थीं, तब अरमान उनकी सुरक्षा में मौजूद रहता था. हालांकि, इन जानकारियों को उसके खिलाफ अदालत में साबित हुए तथ्यों से अलग समझना जरूरी है. उमेश पाल हत्याकांड में अरमान की भूमिका से जुड़े आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा.

बिरयानी की दुकान का दावा

अरमान के बारे में यह भी बताया गया है कि वह प्रयागराज में सिनेमा हॉल के सामने बनी अतीक अहमद की बहुमंजिला इमारत में रहता था. वहां उसकी बिरयानी की दुकान होने की बात भी सामने आई है. उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस ने इस इमारत को सील करने की कार्रवाई की थी. वारदात के बाद अरमान का नाम फरार आरोपियों में शामिल रहा और उसकी तलाश के लिए पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया. हालांकि, उसके ठिकाने और अतीक अहमद के परिवार से संपर्क को लेकर सामने आई जानकारियों के साथ मामले में लगे आरोपों की स्थिति को अलग-अलग समझना जरूरी है.

सरकारी वकील मिलने के बाद अब आगे क्या होगा?

अरमान को सरकारी अधिवक्ता मिलने के बाद अब उमेश पाल हत्याकांड और गैंगस्टर एक्ट के मामलों में उसकी ओर से अदालत में पैरवी की जाएगी. निजी वकील नहीं होने पर निशुल्क कानूनी सहायता की मांग के बाद यह नियुक्ति हुई है. 22 अक्टूबर 2026 को गैंगस्टर एक्ट के मामले में उसकी पेशी के लिए उपस्थिति वारंट जारी करने का निर्देश दिया गया था. अब दोनों मुकदमों में आगे की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने संबंधित पक्ष अपनी दलीलें रखेंगे. अरमान पर लगे आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होगा.

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