डायपर बदलने से लेकर फिजियोथेरेपी तक...13 साल से कोमा में पड़े हरीश राणा के लिए भाई आशीष ने जो-जो किया वो रूला देगा
Harish Rana Emotional Story: हरीश राणा पिछले 13 साल कोमा में थे. सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मृत्यु की अनुमति के बाद उनका निधन हुआ. उनका भाई आशीष ने सेवा में खुद को समर्पित किया.यह कहानी त्याग और प्यार की मिसाल है.
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गाजियाबाद की एक सोसाइटी जहां कभी जीवन की हलचल थी.आज वहां गहरी खामोशी छाई है. हरीश राणा पिछले 13 सालों से कोमा में थे और उनकी हालत ने पूरे समाज को प्रभावित किया. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से मिली इच्छा मृत्यु की अनुमति के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली. इस फैसले की पीड़ा गहराई तक महसूस की जा सकती है. क्योंकि यह केवल एक परिवार का दुख नहीं बल्कि पूरे समाज का साझा दर्द है.