महिला कांस्टेबल मेनका चौहान कैमरे पर रो-रोकर इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र पर लगाने लगीं ये सारे आरोप
बस्ती में महिला कांस्टेबल मेनका चौहान का रोते हुए वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में खलबली मच गई है. आरोप है कि बीमार मां के लिए छुट्टी मांगने पर सदर कोतवाल ने उनके साथ अभद्रता की और मारने के लिए दौड़े.मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी बस्ती ने आरोपी कोतवाल दिनेश चंद्र चौधरी को हटा दिया है.

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Basti New: यूपी पुलिस की एक महिला कांस्टेबल का सरेराह रोते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रहा है. मामला बस्ती जिले की सदर कोतवाली का है जहां तैनात महिला कांस्टेबल मेनका चौहान ने अपने ही कोतवाल (इंस्पेक्टर) दिनेश चंद्र चौधरी पर गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश के गंभीर आरोप लगाए हैं. घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया है.
छुट्टी मांगने पर मिलीं गालियां और जिल्लत
2019 बैच की कांस्टेबल मेनका चौहान जो मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली हैं ने बताया कि उनकी मां की तबीयत काफी खराब थी. उनके इलाज के लिए वह मंगलवार को कोतवाल दिनेश चंद्र चौधरी के पास छुट्टी की गुहार लगाने पहुंची थीं. मेनका का आरोप है कि छुट्टी देने के बजाय साहब आगबबूला हो गए. उन्होंने न केवल गंदी-गंदी गालियां दीं बल्कि उन्हें मारने के लिए भी दौड़े.
'ड्यूटी पर थी फिर भी गैर-हाजिर कर दिया'
बुधवार को अपनी 5 साल की मासूम बेटी को लेकर डीआईजी कार्यालय पहुंची मेनका चौहान वहां भी अपने आंसू नहीं रोक पाईं.उन्होंने रोते हुए आरोप लगाया कि कोतवाल ने अपनी गलती छिपाने के लिए उन्हें जिले में मौजूद रहने के बावजूद रजिस्टर में गैर-हाजिर' दिखा दिया. मेनका के अनुसार यह पूरी घटना कोतवाली के केबिन में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद है.
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वीडियो वायरल होने और मामला डीआईजी तक पहुंचने के बाद एसपी बस्ती यशवीर सिंह ने देर रात बड़ी कार्रवाई की.आरोपी कोतवाल दिनेश चंद्र चौधरी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाकर लाइन हाजिर कर दिया गया है. मामले की गहराई से जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है. एडिशनल एसपी श्यामकांत ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी. कोतवाली के सीसीटीवी फुटेज को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं.










