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क्या पीलीभीत की वोटर लिस्ट में मतदाताओं के जानबूझकर दर्ज किए गए फर्जी नाम? कांग्रेस ने किया 13150 वोटरों के संग धांधली का दावा

पीलीभीत में वोटर लिस्ट और एसआईआर प्रक्रिया में कथित धांधली का मामला सामने आया है. कांग्रेस ने 13,150 वोटों में हेरफेर का दावा किया. शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने जांच की बात कही, मतदाताओं से नाम जांचने की अपील की गई.

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कांग्रेस ने पीलीभीत जिले की वोटर लिस्ट के ऑनलाइन पोर्टल और एसआईआर प्रक्रिया में भारी धांधली का आरोप लगाया है. दावा है कि वैध मतदाताओं के एपिक (EPIC) नंबर के आगे अज्ञात और फर्जी नाम चढ़ा दिए गए हैं, जिससे सैकड़ों लोगों के मताधिकार छीनने की आशंका है. बुधवार को लखनऊ में कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दस्तावेजी सबूत पेश किए और 13000 से ज्यादा वोटों में हेरफेर का दावा किया. इस मामले में शिकायत जिलाधिकारी से की गई है.

क्या है पूरा मामला?

पीलीभीत विधानसभा निवासी अधिवक्ता फैजान अली खान ने जब सरकारी पोर्टल पर अपने एपिक नंबर से नाम चेक किया तो उनके नाम की जगह किसी 'रईस अहमद' का नाम दर्ज मिला. जबकि प्रिंटेड लिस्ट में उनका नाम बिल्कुल सही था. फैजान अली ने जब अपने वॉर्ड और आसपास की लिस्ट खंगाली तो पाया कि कई परिवारों में 4 वोटों में से 2 के नाम गलत दर्ज हैं. उनका आरोप है कि तहसील स्तर पर डाटा फीडिंग के दौरान जानबूझकर यह धांधली की गई है ताकि चुनाव के दिन लोग वोट न डाल सकें.

DM से की गई शिकायत

फैजान अली ने 14 अक्टूबर को जिलाधिकारी आलोक कुमार से मिलकर साइबर फॉरेंसिक ऑडिट, आईपी एड्रेस की जांच और पीलीभीत की चारों विधानसभाओं में उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित कर एफआईआर दर्ज करने की मांग की.

कांग्रेस ने 13150 वोटों में धांधली का किया दावा

पीलीभीत से कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस आलाकमान ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की. पार्टी ने आरोप लगाया कि पीलीभीत में करीब 13150 वोटों के साथ छेड़छाड़ हुई है और वैध मतदाताओं के नंबरों पर फर्जी नाम चढ़ा दिए गए हैं. इस दावे के बाद हड़कंप मच गया है.

पीलीभीत जिलाधिकारी ने कही जांच की बात

पीलीभीत जिलाधिकारी आलोक कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने की बात कही है. शिकायतकर्ता और जागरूक संगठनों ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे तुरंत चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (voter.eci.gov.in) पर जाकर अपने एपिक नंबर से अपने नाम की स्थिति जरूर जांचें. अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो तुरंत जिलाधिकारी या संबंधित चुनाव अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराएं.
 

 

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