लेटेस्ट न्यूज़

राजेंद्र कुमार के शरीर पर चिपकीं हजारों मधुमक्खियां पर एक ने भी नहीं काटा! बुलंदशहर का ये गजब मामला देखिए

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के राजेंद्र कुमार का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें हजारों मधुमक्खियां उनके शरीर पर बैठी हैं, लेकिन एक भी डंक नहीं मारतीं. राजेंद्र बरसात में मधुमक्खियों के लिए भोजन का इंतजाम करते हैं, जिससे वे उन्हें अपना मित्र मानती हैं.

ADVERTISEMENT

UPTak
social share
Google CTA

Bulandshahr News: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के सियाना कस्बे से एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां रहने वाले मधुमक्खी प्रेमी राजेंद्र कुमार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में उनके पूरे शरीर पर हजारों मधुमक्खियां बैठी हुई दिखाई दे रही हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि उनमें से किसी ने भी उन्हें डंक नहीं मारा.

राजेंद्र कुमार को क्यों नहीं काटतीं मधुमक्खियां?
राजेंद्र कुमार का कहना है कि वे बरसात के दिनों में मधुमक्खियों के भोजन का इंतजाम करते हैं. इस मौसम में खेतों व जंगलों में फूल और पराग (पोलन) कम मिल पाते हैं, ऐसे में मधुमक्खियों को दिक्कत होती है. राजेंद्र का कहना है कि उन्होंने मधुमक्खियों को स्वभाव के अनुकूल माहौल और भोजन दिया है, इसलिए वे उन्हें अपना मित्र समझती हैं और नुकसान नहीं पहुंचातीं.

राजेंद्र कुमार का कहना है कि, 'आज यह नन्हा कीट हमारे फसलों और प्रकृति के लिए वरदान है. जंगल और खेतों में इस मौसम में इनके लिए नेक्टर और पोलन नहीं मिलते. ऐसे में हम इनके लिए भोजन की व्यवस्था करते हैं. जब हमने इनके स्वभाव के अनुरूप काम किया, तो यह मधुमक्खियां हमारी मित्र की तरह हो गईं. ये कीट प्रकृति का बड़ा खजाना हैं, मानवता के लिए सहायक और सहज दोस्त हैं. आज जब हम बी फार्म पर इन्हें भोजन देते हैं तो ये प्रेम से हमारे शरीर पर बैठ जाती हैं, लेकिन कोई डंक नहीं मारतीं.'

विशेषज्ञ बताते हैं कि मधुमक्खियां तभी डंक मारती हैं जब उन्हें खतरा महसूस होता है. यदि कोई व्यक्ति शांत रहे और उन्हें सुरक्षित भोजन मुहैया कराए, तो वे नुकसान नहीं करतीं.  राजेंद्र कुमार का यह वीडियो ग्रामीणों और सोशल मीडिया यूजर्स के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है. लोग हैरान हैं कि कैसे हजारों मधुमक्खियां बिना किसी डर या गुस्से के उनके साथ घुलमिल जाती हैं.

यह भी पढ़ें: इंडिगो की जिस फ्लाइट में सवार थीं डिंपल यादव समेत 151 लोग लखनऊ में वो बड़े हादसे से बची