सुलतानपुर: ऑक्सीजन प्लांट के निर्माण में गड़बड़ी आई सामने, कच्ची ईंट का हो रहा था इस्तेमाल

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मेनका गांधी के संसदीय क्षेत्र सुलतानपुर में जिला महिला अस्पताल में निर्माणाधीन ऑक्सीजन प्लांट में अनियमितता का मामला सामने आया है़. यहां ऑक्सीजन प्लांट निर्माण में कच्ची ईंटों का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा था. इसी बीच जिलाधिकारी रवीश गुप्ता औचक निरीक्षण करने पहुंच गए. जिलाधिकारी ने ईंटों की गुणवत्ता चेक करने के बाद मातहतों को फटकार लगाई. यही नहीं जिलाधिकारी ने पक्की ईंटों से निर्माण का भी निर्देश दिया है़.

जिला अस्पताल में चुका है ऑक्सीजन प्लांट

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए शासन-प्रशासन स्तर पर निरंतर प्रयास जारी हैं. इस समय कुछ लोग आपदा को अवसर में बदलने में भी जुटे हैं. यहां जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट पहले ही बनकर तैयार हो चुका है. करीब 100 बेड पर मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है. इसी क्रम में जिला महिला अस्पताल में भी ऑक्सीजन प्लांट लगवाया जा रहा है. ऑक्सीजन प्लांट लगने से पहले ईंटों से उसका बेस तैयार किया जा रहा है.

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डीएम ने दिया ईंटों के स्टॉक को बदलने का निर्देश

जिलाधिकारी रवीश गुप्ता अचानक जिला महिला अस्पताल पहुंच गए. ईंटों की गुणवत्ता देखने के लिए जब उन्होंने परीक्षण किया तो पता चला कि कच्ची ईंटों से ऑक्सीजन प्लांट का बेस तैयार किया जा रहा है. डीएम उसे देखकर नाराज हो गए. उन्होंने अधिकारियों को तत्काल निर्माण कार्य मे लगे ईंटों के स्टॉक को बदलने के साथ-साथ पक्की ईंटों से निर्माण करवाने का निर्देश दिया. साथ ही आगे से ऐसी अनियमितता मिलने पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए.

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डीएम ने कहा, “कोविड की तीसरी लहर की आशंका को लेकर तैयारियां बीच-बीच में देखती रहनी चाहिए. जिला महिला अस्पताल में चेक करने पर ईंटों की गुणवत्ता खराब मिली. पूरे स्टॉक को चेंज करने का निर्देश दे दिया है.”

रिपोर्ट: आलोक श्रीवास्तव

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यूपी तक ने प्रदेश के 9 शहरों में बन रहे ऑक्सीजन प्लांट का रिएलिटी चेक किया था. इनमें कई जगह पर काम में लेटलतीफी देखने को मिली, तो कहीं प्रस्तावित ऑक्सीजन प्लांट लगे ही नहीं. और कहीं लगे तो टेक्निकल स्टाफ ही नहीं बिठाए गए. इस पूरी रिपोर्ट तो पढ़ने के लिए क्लिक करें.

UP में ऑक्सीजन प्लांट का रिएलिटी चेक: कहीं चल नहीं रहे, तो कई जगहों पर टेक्निकल स्टाफ नहीं

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