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सहारनपुर: यूक्रेन गए छात्रों के परिजनों को सता रही चिंता, सरकार से लगाई ये गुहार

अनिल भारद्वाज

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रूस के यूक्रेन में ‘सैन्य अभियान’ शुरू करने की घोषणा के बाद सहारनपुर के तीन छात्रों के परिजनों को भी चिंता सता रही है. वे लगातार यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गए अपने बच्चों की खबर ले रहे हैं और सरकार से उनकी सकुशल वापसी की गुहार लगा रहे हैं.

सहारनपुर के चिलकाना और बेहट क्षेत्र से तीन छात्र यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गए हुए हैं. अब यूक्रेन में हालात बिगड़ने के बाद उनके परिजनों को सहारनपुर में चिंता सता रही है. हालांकि परिजनों का कहना है कि जिस क्षेत्र में उनके बच्चे हैं, वहां पर अभी ज्यादा खतरा नहीं है, लेकिन आपात स्थिति के बाद से बच्चों की चिंता होना स्वाभाविक है.

यूक्रेन में MBBS की पढ़ाई कर रहे अजीम के भाई फरमान अंसारी ने बताया कि अजीम 2020 में यूक्रेन में पढ़ाई करने गए थे. अजीम के पिता एक किसान हैं और अजीम के चार बहनें और दो भाई हैं. फरमान का कहना है कि यूक्रेन में हालात बिगड़ने के बाद से घर में डर का माहौल बना हुआ है. परिजन सभी की सकुशल वापसी की कामना कर रहे हैं.

वहीं, यूक्रेन में MBBS की ही पढ़ाई कर रहे चिलकाना के दूसरे छात्र शोएब के पिता जो कि पेशे से किसान हैं, ने बताया कि शोएब तीन साल पहले यूक्रेन में पढ़ाई के लिए गए थे. अब इस समय उसके तीसरे साल के फाइनल एग्जाम चल रहे हैं.

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शोएब के तीन भाई और चार बहनें हैं, जिसमें से तीन बहनों की शादी हो चुकी है. शोएब यूक्रेन की इवानो यूनिवर्सिटी से MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं. शोएब के परिजन भी सरकार से अपील कर रहे हैं कि उनके बच्चे को वापस लाया जाए.

वहीं बेहट में एक मेडिकल स्टोर के संचालक और किसान सागिर हसन का बेटा कासिफ हसन यूक्रेन के निप्रो स्टेट मेडिकल कालेज से MBBS की पढ़ाई कर रहा है. वह इस बार फाइनल ईयर का छात्र है. कासिफ के परिजन भी सरकार से अपने बच्चे की सकुशल वापसी की गुहार लगा रहे हैं.

बता दें कि भारत ने रूस और यूक्रेन के बीच तनाव को तत्काल कम करने का आह्वान किया है और आगाह किया है कि स्थिति एक बड़े संकट में तब्दील हो सकती है.

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