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पोर्टल पर गांव को मिला PM आवास पर झोपड़ियों, पेड़ पर टंगे लोगों ने खोली पोल! कहानी हरिहरपुर की

गाजीपुर के हरिहरपुर गांव तक, जहां ग्रामीण आवास की मांग को लेकर पेड़ों के मचान पर रहकर अनोखा विरोध कर रहे हैं. सरकारी वादों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर स्पष्ट है.ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी लापरवाही के कारण योजना का लाभ नहीं मिल पाया है.

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Ghazipur News: अगर आप प्रधानमंत्री आवास योजना की वेबसाइट पर जाएंगे तो आपको वहां एक गाइडलाइन आज भी मिलेगी,जिसपर लिखा है कि साल 2022 तक सभी के लिए आवास की परिकल्पना की गई है. साल 2022 आजादी का 75वां साल था. सरकारी वादों की हकीकत क्या होती है, इसकी दो बानगी इस पीएम आवास योजना में देखी जा सकती है. एक तो भेड़ियों के आतंक से जूझ रहे बहराइच के गरीब लोग, जिनके झोपड़ियों वाले खुले घरों में रह रहे मासूम आसानी से आदमखोरों का शिकार बन रहे हैं. दूसरा गाजीपुर का हरिहरपुर गांव, जहां पोर्टल पर पीएम आवास योजना चकाचक है, लेकिन हकीकत में यहां ग्रामीण आवास के लिए पेड़ों के मचान पर बैठ प्रोटेस्ट कर रहे हैं और उनकी झोपड़ियां सरकारी दावों की धज्जियां उड़ा रही हैं.