महोबा में सरकारी स्कूल की छत का गिरा मलबा, छात्र समेत शिक्षामित्र घायल, जिम्मेदार कौन?

महोबा में सरकारी स्कूल की छत का गिरा मलबा, छात्र समेत शिक्षामित्र घायल, जिम्मेदार कौन?
फोटो: नाहिद अंसारी

Mahoba News: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के सरकारी स्कूल की जर्जर हो चुकी छत का मलबा अचानक गिरने से हादसा हो गया. इस हादसे में मलबे की चपेट में आकर एक छात्र घायल हुआ, जबकि एक महिला शिक्षा मित्र को भी चोटें आईं. हादसा होने के चलते मौके पर मौजूद अन्य छात्रों में हड़कंप मच गया. मगर गनीमत यह रही कि छत का कुछ हिस्सा ही नीचे गिरा, अगर पूरी छत गिरती तो बड़े हादसे के साथ जनहानि भी हो सकती थी.

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अहम बिंदु

ऊपर तस्वीर में दिख रहा यह वह सरकारी प्राइमरी स्कूल है, जिसकी छत का प्लास्टर अचानक गिरने से एक छात्र और शिक्षा मित्र घायल हो गए थे. आप खुद ही देखिए, प्लास्टर गिरने के बाद क्लास रूम की क्या हालत हो गई है. इस स्कूल के प्रधान अध्यापक ने बताया कि घटना के समय क्लास में 15 छात्र मौजूद थे. प्रधान अध्यापक के अनुसार, उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान, शिक्षा समिति और बीएसए को छत की मरम्मत के लिए पत्र लिखा था, पर किसी ने सुनवाई नहीं की.

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आपको बता दें कि सरकारी प्राइमरी स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने की यह घटना जनपद के पनवाड़ी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम मसूदपुरा की है. जहां संचालित बालक प्राथमिक विद्यालय की क्षतिग्रस्त छत का मलबा गिरने से हादसा हुआ. हादसे में घायल हुईं महिला शिक्षामित्र रामदेवी राजपूत बताती हैं कि विद्यालय की छत काफी अरसे से जर्जर हालत में थी और ऐसे में हादसे के साये में अध्ययन कार्य हो रहा था. उन्होंने दावा करते हुए बताया कि पूर्व में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने ग्राम प्रधान को जानकारी दी थी कि स्कूल की छत जर्जर है और कभी भी हादसा हो सकता है. मगर इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया और न ही गंभीरता दिखाई.

बताया जा रहा है कि अध्ययन कार्य के दौरान शिक्षामित्र जब बच्चों को पढ़ा रही थीं, तभी सलमान नामक छात्र अध्यापक के पास खड़ा होकर अपनी किताब को चेक करा रहा था और अचानक जर्जर हो चुकी छत में चल रहा पंखा मलवा सहित नीचे गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आकर शिक्षामित्र और उक्त छात्र सलमान गंभीर रूप से घायल हो गए. सलमान के सिर पर गहरी चोट आई है. जबकि शिक्षामित्र चोटिल हुई है.

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पता चला है कि 1965 में बने और करीब 58 साल पुराने इस सरकारी स्कूल में रंग-रोगन और फर्श में टायल्स तो लगी हैं, पर छत बेहद कमजोर है. छत में पड़ी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं. स्कूल के उपप्रधान अध्यापक ने बताया कि मरम्मत के लिए कई बार शिकायत की गई पर किसी ने सुनवाई नहीं की और यह हादसा हो गया.

क्लास रूम की छत गिरने की घटना के बाद से छात्र सहमे हुए हैं. नेहा नामक एक छात्रा ने बताया कि अब उसे स्कूल आने में उसे डर लगने लगा है.

मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल में घायल हुए छात्र सलमान के माता-पिता दोनो मजदूरी करते हैं. यूपी तक से बातचीत में सलमान के पिता खुदाबक्श ने कहा कि स्कूल की बिल्डिंग को तोड़ कर नया स्कूल बनाना चाहिए ताकि ऐसी घटना किसी और बच्चे के साथ न हो.
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बता दें कि सरकारी स्कूल के क्लास रूम की छत गिरने की घटना के बाद जिले में शिक्षा विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी बोलने और सामने आने को तैयार नहीं है. यूपी तक ने दर्जनों बार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा को फोन किया और वॉट्सऐप मैसेज भी किया पर उन्होंने ना तो फोन उठाया और ना ही मैसेज का जवाब दिया. जब हम उनके दफ्तर पहुंचे तो बीएसए साहब मौके पर मौजूद नहीं मिले और उनके दफ्तर में ताला भी लगा था.

जब महोबा जिले का कोई भी शिक्षा अधिकारी बोलने के लिए सामने नहीं आया, तब जिले में पहुंचे सूबे के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य से स्कूल की छत का मलबा गिरने से हुए हादसे के बारे में पूछा गया. सवाल के जवाब में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकरण की जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा उस खिलाफ कार्रवाई होगी.

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