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फांसी की सजा से पहले मुस्कान के माता-पिता ने कोर्ट में क्या लिखकर दिया? सौरभ को बताया अच्छा लड़का

मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को फांसी की सजा सुनाई है. फैसले के दौरान महाभारत का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि अपराध के अनुसार दंड देना भी धर्म है.

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मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला दोनों को अदालत ने फांसी की सजा सुना दी है. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने महाभारत का जिक्र किया. जज ने कहा- दंड देना भी धर्म है. सजा के ऐलान के बाद कोर्ट रूम भारत माता की जय के नारे लगे.

सौरभ हत्याकांड में फैसला सुनाए जाने से पहले मुस्कान के माता-पिता ने अदालत में लिखकर दिया कि अगर उनकी बेटी को फांसी की सजा मिलती है तो वे इसका विरोध नहीं करेंगे.  उन्होंने सौरभ को बहुत अच्छा लड़का बताया. इस मामले में अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या का दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजा सुना दी है.

वकील विजय बहादुर ने फैसले के बाद क्या बताया?

सौरभ के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील विजय बहादुर ने फैसले के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि अदालत ने दोनों आरोपियों को जघन्य और क्रूर हत्या का दोषी मानते हुए फांसी की सजा सुनाई है. कोर्ट ने दोनों पर आर्थिक दंड भी लगाया है.

वकील के मुताबिक, सुनवाई के दौरान अदालत ने महाभारत का हवाला देते हुए अहम टिप्पणी की. कोर्ट ने कहा कि अपराधी को उसके अपराध और कुकर्मों के अनुसार सजा देना भी एक धर्म है. विजय बहादुर ने बताया कि अभियोजन पक्ष ने मामले में मजबूती से पैरवी की. अदालत ने इस फैसले को ऐसी मिसाल के तौर पर देखा, जिससे भविष्य में इस तरह के जघन्य अपराध करने वालों को कड़ा संदेश मिले.

सजा सुनाए जाने से पहले मुस्कान और साहिल का क्या था रुख?

फैसला सुनाने से पहले मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के सामने पेश किया गया था. वकील विजय बहादुर के अनुसार, जब अदालत ने साहिल से पूछा कि वह कुछ कहना चाहता है या नहीं, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया.

इसके बाद मुस्कान की बारी आई. वकील के मुताबिक, मुस्कान ने अपने दो बच्चों का जिक्र किया और उनकी देखभाल किए जाने की गुहार लगाई. विजय बहादुर के अनुसार, आरोपियों के व्यवहार को लेकर वकीलों और परिजनों ने भी अपनी बात रखी. उनका कहना था कि इतने गंभीर अपराध के बावजूद आरोपियों के चेहरे पर सच्चे पश्चाताप के भाव नजर नहीं आए.

क्या था सौरभ राजपूत हत्याकांड?

मेरठ का मामला मार्च 2025 में सामने आया था. सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी में काम कर चुके थे. सौरभ की हत्या का आरोप पत्नी मुस्कान रस्तोगी और मुस्कान के प्रेमी साहिल शुक्ला पर लगा था. पुलिस जांच के मुताबिक, हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े किए गए और सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपाया गया. इसी वजह से मामला 'नीला ड्रम हत्याकांड' के नाम से चर्चित हुआ.

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