शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद वृंदावन में केली कुंज आश्रम पहुंचे प्रेमानंद महाराज, कितनी देर रुके और क्या-क्या किया यहां?
प्रेमानंद महाराज को लेकर चल रही अफवाहों पर विराम लग गया है. शिष्य रसिक दुलारी शरण के निधन के बाद महाराज के आश्रम छोड़ने और बंटवारे की खबरें फैली थीं. शुक्रवार सुबह छह बजे उन्होंने भक्तों को दर्शन दिए.
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Screengrab from video:तस्वीर AI से मॉडिफाई की गई है
वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद महाराज को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रही तरह-तरह की अफवाहों और कयासों पर आखिरकार विराम लग गया है. उनके शिष्य दीपक लोधी उर्फ 'रसिक दुलारी शरण' के निधन के बाद से सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि महाराज जी हमेशा के लिए राधा केलि कुंज छोड़कर एकांतवास में चले गए हैं और आश्रमों में बंटवारा हो गया है. लेकिन सुबह करीब 6:00 बजे पूज्य महाराज जी खुद राधा केलि कुंज आश्रम पहुंचे और श्रद्धालुओं को दर्शन दिए. लगभग 2 घंटे तक आश्रम में रुककर दर्शन देने से भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई. वहीं भ्रामक खबरें फैलाने वालों के दावों की हवा निकल गई.
