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श्रद्धा दुबे की लग्जरी लाइफ खत्म! 45 महिला कैदियों के बीच जेल में कैसी गुजरी पहली रात, ये चीजें नहीं आई पसंद!

लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर अब गोसाईंगंज जिला जेल में बंद हैं. गुरुवार को जेल पहुंचने के बाद एक दिन क्वारंटाइन में बिताने वाली दोनों बहनों को शुक्रवार को सामान्य महिला बैरक में शिफ्ट कर दिया गया.

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Shraddha Dubey Case
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Shraddha Dubey Case: लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर अब गोसाईंगंज जिला जेल में बंद हैं. गुरुवार को जेल पहुंचने के बाद एक दिन क्वारंटाइन में बिताने वाली दोनों बहनों को शुक्रवार को सामान्य महिला बैरक में शिफ्ट कर दिया गया. यहां उन्हें करीब 45 महिला कैदियों के साथ रहना पड़ रहा है. जेल की सख्त दिनचर्या, आम कैदियों वाला खाना और बदला हुआ माहौल उनके लिए नई चुनौती बन गया है. जेल पहुंचने के बाद शुक्रवार को उनसे मिलने कोई करीबी या रिश्तेदार भी नहीं आया.

पहली रात बेचैनी में गुजरी

जेल प्रशासन के मुताबिक गुरुवार रात जब श्रद्धा को जेल में दाखिल किया गया, तब उसने खुद को सामान्य दिखाने की कोशिश की, लेकिन उसके चेहरे पर तनाव नजर आ रहा था. रात के खाने में साबुत उड़द की दाल, रोटी और आलू-सोया मेथी की सब्जी दी गई. बताया गया कि श्रद्धा खाना पूरा नहीं खा सकी. रातभर दोनों बहनें करवटें बदलती रहीं और शुक्रवार तड़के कुछ देर के लिए ही उनकी आंख लगी. जेल के नियमों के मुताबिक सुबह ठीक 6 बजे उन्हें जगा दिया गया. अब दोनों को बाकी बंदियों की तरह तय समय पर उठना और जेल की दिनचर्या का पालन करना पड़ रहा है.

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नाश्ते में मीठी दलिया मिली

शुक्रवार सुबह 7 बजे श्रद्धा और रश्मि को नाश्ते में मीठी दलिया और चाय दी गई. इसके बाद करीब 11 बजे दोपहर के भोजन में साबुत उड़द और राजमा की दाल, आलू-लौकी की सब्जी, चावल और रोटी परोसी गई. वहीं, रात के खाने में अरहर की दाल, आलू-कद्दू की सब्जी और रोटी दी गई. जेल में दोनों बहनों को कोई खास भोजन नहीं मिल रहा है. उन्हें वही खाना दिया जा रहा है, जो अन्य बंदियों के लिए तैयार होता है. लग्जरी लाइफस्टाइल की आदी बताई जा रही दोनों बहनों के लिए जेल का सामान्य खाना और सख्त नियमों के बीच रहना एक बड़ा बदलाव है.

बैरक में गुमसुम बैठीं रहीं

शुक्रवार को पूरे दिन श्रद्धा, रश्मि और उनके ड्राइवर दानिश उर्फ तनवीर से मिलने कोई करीबी या रिश्तेदार जेल नहीं पहुंचा. बताया गया कि दोनों बहनें बैरक में गुमसुम बैठी रहीं और उन्होंने दूसरी महिला कैदियों से बातचीत नहीं की. हालांकि, दोनों बीच-बीच में आपस में बात करती दिखाई दीं. किसी परिचित के मिलने नहीं आने से उनके चेहरे पर उदासी नजर आई. जेल प्रशासन के मुताबिक दोनों बहनें धीरे-धीरे जेल के माहौल के साथ तालमेल बैठा रही हैं.

सुरक्षा के लिए अलग-अलग निगरानी

जिला कारागार के जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी ने बताया कि क्वारंटाइन अवधि पूरी होने के बाद तीनों आरोपियों को सामान्य बैरक में शिफ्ट कर दिया गया है. उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. श्रद्धा और रश्मि की निगरानी महिला डिप्टी जेलर के नेतृत्व में की जा रही है, जबकि ड्राइवर तनवीर पर पुरुष डिप्टी जेलर की निगरानी है. सुरक्षा कारणों से न्यायिक हिरासत की तय तारीख पर तीनों आरोपियों की अदालत में पेशी वर्चुअल माध्यम से कराए जाने की बात भी कही गई है.

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आमिर को फोन करने का दावा

शिवा शर्मा की मौत के मामले में पुलिस उन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन पर आरोपियों की फरारी में मदद करने का संदेह है. पुलिस जांच के मुताबिक शिवा के बिल्डिंग से गिरने के तुरंत बाद रश्मि दुबे ने आमिर नाम के एक शख्स को फोन कर मदद के लिए बुलाया था. पुलिस के हाथ लगे अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में आमिर शेख, ड्राइवर तनवीर उर्फ दानिश के साथ काली टी-शर्ट पहने दिखाई दिया है. इसके बाद पुलिस की टीमें कथित मददगारों की तलाश में जुटी हैं. इस मामले में जांच जारी है और सामने आए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.