80 साल के मेवालाल ने 75 साल की फूलमती को लोक अदालत में पहनाई जयमाला, पत्नी ने 2025 में क्यों दर्ज कराया था मुकदमा?
बाराबंकी की राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने कानूनी कार्रवाई के बीच सबका ध्यान खींच लिया. मसौली थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले 80 साल के मेवालाल और 75 साल की फूलमती करीब एक साल से एक-दूसरे से अलग रह रहे थे.
ADVERTISEMENT

Barabanki Mevalal and Phoolmati News: बाराबंकी की राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने कानूनी कार्रवाई के बीच सबका ध्यान खींच लिया. मसौली थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले 80 साल के मेवालाल और 75 साल की फूलमती करीब एक साल से एक-दूसरे से अलग रह रहे थे. छोटी-छोटी बातों से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि फूलमती ने पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और गुजारा भत्ते की मांग की. यहां तक की इस दौरान दोनों के बीच बोलचाल तक नही होती थी लेकिन राष्ट्रीय लोक अदालत में मामला आपसी सहमति से सुलझा और दोनों फिर साथ आ गए.
पत्नी ने क्यों दर्ज कराया था मुकदमा?
पारिवारिक न्यायालय के शासकीय अधिवक्ता वीरेंद्र श्रीवास्तव के मुताबिक यह मामला साल 2025 में दर्ज हुआ था. सुनवाई के दौरान मेवालाल ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बताया कि विवाद के दौरान वह अपनी जमीन का एक हिस्सा पहले ही पत्नी के नाम कर चुके थे. वहीं फूलमती का कहना था कि पति से खर्च और गुजारा भत्ता नहीं मिलने के कारण उन्हें कानूनी रास्ता अपनाना पड़ा. बातचीत के दौरान फूलमती ने बताया कि परिवार में एक बेटा, तीन पोती और एक पोता है. वहीं मेवालाल ने तीन बेटियों और दो बच्चों का भी जिक्र किया. दोनों करीब एक साल से अलग रह रहे थे और बातचीत नहीं करते थे.
चार बीघा जमीन फूलमती के नाम
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उज्जवल उपाध्याय ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य आपसी सहमति और सुलह के जरिए पुराने विवादों का समाधान करना है. इस मामले में समझौते की शर्तों के तहत चार बीघा जमीन आधिकारिक तौर पर फूलमती के नाम कर दी गई. इसके बाद दोनों पक्षों ने अपनी सहमति दी और करीब एक साल से चल रहा कानूनी विवाद खत्म हो गया. लोक अदालत में हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस सुभाष विद्यार्थी और जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव की मौजूदगी भी रही.
80 साल के पति ने पहनाई जयमाला
शनिवार शाम करीब 4 बजे लोक अदालत की कार्रवाई के दौरान इस मामले का सबसे भावुक पल आया. समझौते के बाद मेवालाल ने फूलमती को जयमाला पहनाई और दोनों के बीच सुलह हो गई. जिस मामले में एक साल तक दोनों अलग रहे और अदालत तक पहुंचे, उसका अंत इसी परिसर में मिलन के साथ हुआ. राष्ट्रीय लोक अदालत ने जहां एक कानूनी विवाद का समाधान कराया, वहीं उम्र के इस पड़ाव पर दोनों के बीच रिश्ते की कड़वाहट भी खत्म हो गई. घटना के बाद यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर भी इसकी तस्वीरें व वीडियो चर्चा में हैं.
यहां पूरा वीडियो देखें -
