आगरा के सभी 49 थानों के इंचार्ज को मिलेगी 'साइकोलॉजिकल फर्स्ट ऐड' की ट्रेनिंग... जानें क्यों हो रहा ऐसा?
आगरा पुलिस ने डॉ. नवीन गुप्ता के मार्गदर्शन में 49 थानों में मानसिक स्वास्थ्य और संवेदनशील पुलिसिंग पहल शुरू की है, जिसका उद्देश्य थर्ड डिग्री आरोपों के बाद अधिकारियों के व्यवहार में सुधार और मानवीय कानून प्रवर्तन को बढ़ावा देना है.
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उत्तर प्रदेश के आगरा में थर्ड डिग्री के आरोपों से घिरी आगरा पुलिस अब अपने भीतर झांकने और अपनी कार्यशैली को मानवीय बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है. किरावली थाने में पूछताछ के दौरान युवक के पैर टूटने और थाना छत्ता में सामने आए कथित अमानवीय व्यवहार ने पुलिस कमिश्नरेट की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस घटना ने पूरे सिस्टम को झकझोर दिया और पुलिस के व्यवहार में सुधार की आवश्यकता को और साफ कर दिया है. इस घटना के बाद आगरा पुलिस ने अब मानसिक स्वास्थ्य और संवेदनशील पुलिसिंग को बढ़ावा देने के लिए नई पहल शुरू की है. पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देशन में बिहेवियर साइंटिस्ट और लाइफ कोच डॉ. नवीन गुप्ता की मदद से इस पहल की औपचारिक शुरुआत की गई है.









