लेटेस्ट न्यूज़

यूपी में स्कूली बच्चे पढ़ेंगे राम मंदिर का इतिहास? शिक्षा मंत्री ने दिया बड़ा संकेत

Uttar Pradesh News : अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण तेजी से जारी है. 22 जनवरी को प्रभु राम अपने भव्य महल में…

ADVERTISEMENT

UPTak
social share
Google CTA

Uttar Pradesh News : अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण तेजी से जारी है. 22 जनवरी को प्रभु राम अपने भव्य महल में विराजमान होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह शामिल होंगे. इस बीच उम्मीद की जा रही है कि उत्तर प्रदेश सरकार बच्चों को राम मंदिर निर्माण का इतिहास और उसके बारे में स्कूलों पढ़ा सकती है. खुद यूपी की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने इस बात के संकेत दिए हैं,

स्कूली बच्चे पढ़ेंगे राम मंदिर का इतिहास?

बता दें कि नई शिक्षा नीति के तहत यूपी के प्राइमरी स्कूलों के सिलेबस में राम मंदिर निर्माण को शामिल किया जा सकता है. उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी से जब पूछा गया कि राम मंदिर का निर्माण अंतिम चरण में है तो क्या ये माना जाए कि यूपी में NCERT बुक में राम मंदिर निर्माण का पाठ जोड़ा जाएगा. ताकि बच्चों को इसके बारे में जानकारी दी जा सके. इस सवाल का जवाब देते हुए मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि, ‘ देखिए NEP में ये भी है कि हमारी संस्कृति के बारे में बच्चों को ज्ञान देना चाहिए. धार्मिक , पौराणिक गाथाओं के बारे में बच्चों को बताया जाए. और राम मंदिर तो हमारी भावनाओं से जुड़ा हुआ विषय है.’

शिक्षा मंत्री ने कही ये बात

शिक्षा मंत्री ने आगे कहा कि, ‘सिर्फ राम मंदिर की बात नहीं है . बल्कि उसके साथ साथ बाकि धार्मिक , पौराणिक , आध्यात्मिक चीजों को भी पाठ्यक्रम में लेने का विचार है ताकि बच्चों को इसके बारे में जानकारी हो सके. बच्चों को भी धार्मिक चीजों के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए. पाठ्यक्रम में चीजें होंगी.’

इस दिन से खुलेगा राम मंदिर

बता दें कि कुछ दिनों पहले राम मंदिर ट्रस्ट ने भक्तों के लिए राम मंदिर खोले जाने को लेकर बड़ी घोषणा की थी. अयोध्या में बन रहे भव्य श्रीराम मंदिर में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा. इस अवसर पर पीएम मोदी भी मौजूद रहेंगे. रामजन्म भूमि तीर्थ ट्रस्ट के सदस्यों ने आज पीएम मोदी से मुलाक़ात कर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, जिसे पीएम मोदी स्वीकार किया है.