मुख्तार की सुरक्षा संभालने कानपुर से बांदा जेल पहुंचे डिप्टी जेलर, जानें क्या है कारण?

मुख्तार की सुरक्षा संभालने कानपुर से बांदा जेल पहुंचे डिप्टी जेलर, जानें क्या है कारण?
फोटो: इंडिया टुडे

Banda News: यूपी की बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार की सुरक्षा एक दम चाक चौबंद है, ऐसा जेल प्रशासन का दावा है. बता दें कि बांदा जेल प्रशासन के साथ-साथ सुरक्षा संभालने के लिए कानपुर के एक डिप्टी जेलर की ड्यूटी लगाई गई है. बताया जा रहा है कि उन्होंने सोमवार को जॉइन भी कर लिया है. जेल प्रशासन के मुताबिक, मुख्तार की सुरक्षा में करीब 32 सुरक्षाकर्मी 24 घंटे में ड्यूटी पर गए गए हैं, जिनमें अंदर की बैरक में रहने वाले सुरक्षा कर्मी बॉडी कैम से लैस रहते हैं. यानी हर गतिविधि की नजर शरीर में लगे कैमरे में रिकॉर्ड हो रही होती है.

अहम बिंदु

बता दें कि कानपुर से आए डिप्टी जेलर एक महीने तक मुख्तार की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे. सुरक्षा दृष्टि से हर महीने ड्यूटी में प्रदेश की अन्य जेलों से डिप्टी जेलर की ड्यूटी लगाई जाती है. साथ ही करीब 20 सीसीटीवी से लगातार निगरानी की जा रही है

आपको यह भी बता दें कि बीते दिनों DIG जेल संजीव त्रिपाठी और डीएम अनुराग पटेल ने जेल में औचक छापेमारी की थी. घंटो तलाशी लेने के बाद जेल प्रशासन में हड़कम्प मच गया था. गनीमत रही कि कोई भी आपत्तिजनक सामान नहीं मिला था. सरकार के निर्देश पर जेल की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखी जा रही है. सड़क से लेकर जेल कैम्पस में 3 दर्जन से ज्यादा सीसीटीवी द्वारा निगरानी की जा रही है, समय समय मे अधिकारी भी निरीक्षण करते रहते हैं.

जेलर वीरेंद्र कुमार वर्मा ने बताया, "हर महीने शिफ्ट बदलती रहती है. अभी शासन के निर्देश पर कानपुर से डिप्टी जेलर ने जॉइन किया है, जो एक माह तक सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी देखेंगे. जेल में करीब 32 सुरक्षाकर्मियों से ज्यादा मुख्तार की सुरक्षा में लगाए गए हैं, जिनमें कुछ बॉडी कैम से लैस हैं. साथ ही 20 सीसीटीवी लगाए गए हैं. हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. बंदियों के स्वास्थ्य के लिए जेल अस्पताल है. जरूरत पड़ने पर जिला अस्पताल से डॉक्टरों की टीम बुलाकर उपचार कराया जाता है. जेल में इस समय 1100 कैदी हैं, लगातार मैं खुद निगरानी रखता हूं."

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