Welcome 2026: CM योगी के लिए अगले 400 दिन क्यों किसी चक्रव्यूह से कम नहीं, समझिए सबसे बड़ी सियासत
2026 योगी आदित्यनाथ के लिए 2027 का सेमीफाइनल साबित होगा. पंचायत चुनाव, घोसी उपचुनाव, अखिलेश यादव के PDA, हिंदुत्व की धार और NDA सहयोगियों को साधने की चुनौती, यूपी की सत्ता की अग्निपरीक्षा.
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जीत की हैट्रिक या हार की मायूसी. आने वाले साल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसी सवाल से सबसे ज्यादा जूझना है. लेकिन जवाब की मंजिल तक पहुंचने से पहले उनके रास्ते के जो अहम पड़ाव रहेंगे वो हैं, साल 2026 के पंचायत चुनाव, अखिलेश यादव के पीडीए का तोड़, गठबंधन साथियों से संतुलन, पार्टी औऱ संगठन में तालमेल. कहते हैं कि उत्तर प्रदेश के गली-कूचों में हमेशा राजनीति हवा के साथ बहती है. अगर साल चुनावी हो तो राजनीति की चाल हवा से भी तेज होना लाजिमी है. ऐसे में करीब 9 साल से यूपी की सत्ता पर काबिज सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ अगले 400 दिन किसी चक्रव्यूह से कम नहीं होंगे. 2024 के लोकसभा चुनाव में मिले झटके से उबरने के लिए योगी को पूरा एक साल मिला. 2025 में उन्होंने मिल्कीपुर उपचुनाव की जीत, कानून व्यवस्था की मजबूत छवि, हिंदुत्व के दांव और विकास के व्याकरण से विरोधी नेता अखिलेश यादव के पीडीए का तगड़ा जवाब पेश किया. अब सवाल 2026 का है. सबसे पहले सामने घोसी उपचुनाव और पंचायत चुनाव की चुनौती है. लेकिन योगी के निशाने पर 2027 की सत्ता है. जिसका सपना भी वो विरोधी नेताओं को देखने की इजजात नहीं देते.









