ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने का दावा: किसी ने बताया मनगढ़ंत तो कोई बोला अब हिंदुओं को दे दो

पिंटू शर्मा

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वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में लगातार तीसरे दिन 16 मई, सोमवार को सर्वे-वीडियोग्राफी की कार्यवाही का कार्य संपन्न हुआ. सर्वे खत्म होने के बाद हिंदू पक्ष के वकील हरिशंकर जैन की ओर से ज्ञानवापी मस्जिद में स्थित कुएं (वजु की जगह) में शिवलिंग होने का बड़ा दावा किया गया.

हिंदू पक्ष के वकील के इस दावे पर देवबंद में इत्तेहाद उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुफ्ती असद कासमी और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के जिला संयोजक राव मुशर्रफ अली ने अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं.

इत्तेहाद उलेमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि कुछ लोग हैं जो कोर्ट के फैसले से पहले ही इस तरह की मनगढ़ंत बातें करके देश का माहौल खराब करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जब कोर्ट ने सर्वे करवाया है तो कोर्ट द्वारा अभी कोई इस तरह की बातें सामने नहीं आई हैं.

उन्होंने केंद्र सरकार और कोर्ट से मांग करते हुए कहा कि जो लोग इस तरह की मनगढ़ंत बातें कर रहे हैं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.

वहीं मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के जिला संयोजक राव मुशर्रफ अली ने कहा कि हम सभी देशवासियों को कोर्ट का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने मुस्लिमों से कहा कि उस जगह को हिंदुओं को दे देनी चाहिए.

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राव मुशर्रफ अली ने आगे कहा,

“वहां पर पहले मंदिर था, मंदिर को तोड़कर मस्जिद बनाई गई है और किसी भी विवादित जगह पर नमाज नहीं होती है.”

राव मुशर्रफ अली

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बता दें कि ज्ञानवापी मस्जिद में स्थित कुएं में शिवलिंग मिलने के दावे के बाद हरिशंकर जैन इसके प्रोटेक्शन की मांग को लेकर कोर्ट पहुंचे. सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर ने वाराणसी के डीएम को जिस स्थान पर कथित तौर पर शिवलिंग मिला है, उस स्थान को तत्काल प्रभाव से सील करने का आदेश दे दिया है.

मुस्लिम पक्ष का क्या है दावा?

मीडिया से बातचीत के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील ने कहा, “शिवलिंग नहीं मिला है. सर्वे की कार्रवाई खत्म हो गई है. यह अदालत तय करेगी कि शिवलिंग मिला है या नहीं. प्रतिवादी पक्ष ने कमीशन की कार्रवाई का पूरा सहयोग किया.”

ज्ञानवापी मस्जिद प्रतिष्ठित काशी विश्वनाथ मंदिर के करीब स्थित है. गौरतलब है कि विश्व वैदिक सनातन संघ के पदाधिकारी जितेंद्र सिंह विसेन के नेतृत्व में राखी सिंह तथा अन्य ने अगस्त 2021 में अदालत में एक वाद दायर कर श्रंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन और अन्य देवी-देवताओं के विग्रहों की सुरक्षा की मांग की थी. स्थानीय अदालत मूर्तियों के सामने दैनिक प्रार्थना की अनुमति की मांग वाली याचिका पर सुनवाई कर रही है.

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एक्सक्लूसिव: ज्ञानवापी में शिवलिंग मिलने का दावा, वीडियोग्राफी करने वाले को क्या दिखा?

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