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यूपी में नया शहर बसाने के लिए दिवाली के बाद किसानों से ली जाएगी जमीन, 80 गांवों में होगा जमीन अधिग्रहण

नोएडा के पास नया शहर बसाने की तैयारी तेज हो गई है. ‘नया नोएडा’ के लिए 80 गांवों की जमीन ली जाएगी और करीब छह लाख लोगों के रहने के हिसाब से शहर विकसित किया जाएगा.

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प्रतीकात्मक तस्वीर
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नोएडा के पास एक नया शहर बसाने की तैयारी चल रही है है. नाम होगा- नया नोएडा. प्रोजेक्ट में 80 गांवों की जमीन शामिल होगी और करीब छह लाख लोगों के रहने के हिसाब से शहर विकसित किया जाएगा. अब जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. नोएडा प्राधिकरण ने मुआवजे की दरें तय कर दी हैं और किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन लेने की तैयारी शुरू कर दी है.

दीपावली के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी. किसानों की सहमति और दस्तावेज जुटाने के लिए तीन जगहों पर कैंप लगाए गए हैं. यहां पांच लेखपालों की टीम सहमति पत्र और जमीन से जुड़े दस्तावेज ले रही है.  

80 गांवों की जमीन पर विकसित होगा नया नोएडा

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र यानी DNGIR के रूप में विकसित किया जाना है. इसके लिए 209.11 वर्ग किलोमीटर का मास्टर प्लान तैयार किया गया है. इसमें 80 गांवों की जमीन शामिल होगी. शहर की अनुमानित आबादी करीब छह लाख रखी गई है.

नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्ण करुणेश ने प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए. 

किसानों को कितना मुआवजा और कितना प्लॉट मिलेगा?

नया नोएडा में जमीन देने वाले किसानों को मिलने वाला मुआवजा इस बात पर निर्भर करेगा कि उनकी जमीन किस चरण में ली जाती है. प्राधिकरण ने चार चरणों के लिए अलग-अलग व्यवस्था तय की है.

पहले और दूसरे चरण में जमीन देने वाले किसानों को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की व्यवस्था के अनुसार मुआवजा मिलेगा. इसके साथ अधिग्रहित जमीन के छह प्रतिशत के बराबर आबादी का प्लॉट भी दिया जाएगा.

तीसरे और चौथे चरण में जमीन देने वाले किसानों को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की व्यवस्था के अनुसार मुआवजा मिलेगा. इन किसानों को अधिग्रहित जमीन के सात प्रतिशत के बराबर आबादी का प्लॉट देने का प्रावधान है.

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने हाल ही में जमीन की मुआवजा दर 4,125 रुपये से बढ़ाकर 6,415 रुपये प्रति वर्ग मीटर की है. यीडा ने अपनी दर 4,300 रुपये से बढ़ाकर 4,558 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दी है. ये दोनों प्राधिकरणों की दरें हैं. नया नोएडा में जमीन देने वाले किसानों को वास्तविक भुगतान संबंधित चरण और लागू व्यवस्था के हिसाब से मिलेगा.

चार चरणों में पूरा होगा शहर का विकास

नया नोएडा को एक साथ विकसित नहीं किया जाएगा. इसके लिए 2027 से 2041 तक का चरणबद्ध कार्यक्रम तैयार किया गया है.

  • पहला चरण: 2027 तक 3,165 हेक्टेयर जमीन का विकास.
  • दूसरा चरण: 2027 से 2032 तक 3,798 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास.
  • तीसरा चरण: 2032 से 2037 तक 5,908 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास.
  • चौथा चरण: 2037 से 2041 तक 8,230 हेक्टेयर क्षेत्र का विकास.

पहले चरण की समय सीमा को देखते हुए जमीन अधिग्रहण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. दीपावली के तुरंत बाद किसानों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन लेने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है.

अवैध निर्माण रोकने के लिए भी तैयारी

नया नोएडा में जमीन अधिग्रहण के साथ अवैध निर्माण और अतिक्रमण रोकने की व्यवस्था भी की जा रही है. इसके लिए नोएडा प्राधिकरण ने 11, 12 और 14 नाम से तीन नए कार्य सर्किल बनाए हैं. सर्किल-11 की जिम्मेदारी महाप्रबंधक एसपी सिंह को दी गई है. सर्किल-12 और 14 का काम महाप्रबंधक एके अरोड़ा संभालेंगे. इन सर्किलों में वरिष्ठ प्रबंधकों और प्रबंधकों की तैनाती भी की जाएगी.

प्राधिकरण की तैयारी सिर्फ जमीन जुटाने तक सीमित नहीं है. नया नोएडा के विकास के लिए जरूरी प्रशासनिक व्यवस्था भी तैयार की जा रही है, ताकि जमीन मिलने के बाद प्रस्तावित योजना के मुताबिक काम आगे बढ़ाया जा सके.

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