BHU गैंगरेप आरोपी हों या रितिक पांडे को मारने वाले दबंग... यूपी में इनपर नहीं चला बुलडोजर
यूपी में योगी आदित्यनाथ सरकार को एक तरह से बुलडोजर एक्शन की शुरुआत का श्रेय दिया जाता है. पर कई आपराधिक मौके ऐसे आए जहां बुलडोजर एक्शन की मांग के बावजूद बुलडोजर नहीं मिला. विपक्ष ने तब ये आरोप लगाए कि सरकार राजनीतिक हित साधने के लिए बुलडोजर एक्शन लेती है. आइए आपको उन बड़ी वारादातों के बारे में बताते हैं, जिनपर बुलडोजर एक्शन नहीं हुआ.
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एक बार फिर से बुलडोजर एक्शन चर्चा में है. असल में सुप्रीम कोर्ट ने अलग-अलग आपराधिक मामलों के आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई के खिलाफ दाखिल याचिका पर सख्त टिप्पणी की है. यह याचिका जमीयत उलेमा ए हिंद की ओर से दाखिल की गई थी. याचिका में सरकारों द्वारा मनमाने तरीक़े से आरोपियों के घर बुलडोज़र चलाने पर रोक लगाने की मांग की है. याचिका में हाल में यूपी, मध्यप्रदेश और राजस्थान में बुलडोज़र चलाने की घटनाओं का ज़िक्र करते हुए अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने का आरोप लगाया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने इसपर सुनवाई करते हुए पूछा है कि, 'पूछा कि किसी का घर सिर्फ इसलिए कैसे ध्वस्त किया जा सकता है क्योंकि वह आरोपी है.' सर्वोच्च अदालत ने यह भी कहा कि, अगर कोई व्यक्ति दोषी भी है तो भी कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना उसके घर को ध्वस्त नहीं किया जा सकता.