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Impact Feature: बदल गया शाहजहांपुर! योगी सरकार ने दी विवि और मेडिकल कॉलेज की सौगात, जरी-जरदोजी को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

शाहजहांपुर की नई पहचान. योगी सरकार ने जिले को दी विश्वविद्यालय और मेडिकल कॉलेज की सौगात. ओडीओपी से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमकी जरी-जरदोजी और गंगा एक्सप्रेस-वे से खुले विकास के नए रास्ते.

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शाहजहांपुर वही जिला है जहां के क्रांतिकारी सरफरोशी की तमन्ना लेकर आजादी की लड़ाई में कूदे थे लेकिन वही आजादी मिलने के बाद हुक्मरानों ने इसे पूरी तरह भुला दिया. यह जिला उसके बाद उम्मीदें पालता रहा और निराश होता रहा. लेकिन, अब इस जिले के पास अपनी पहचान के लिए बहुत कुछ है. पिछले नौ सालों में इसने एक मेडिकल कालेज पाया है, इसका अपना एक विश्वविद्यालय होने जा रहा है. सीमेंट कंपनी समेत कई औद्योगिक कारखाने हैं और जरी-जरदोजी का जो हस्तशिल्प दम तोड़ने के कगार पर पहुंच चुका था, वह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उड़ान भर रहा है. इन सबसे ऊपर है गंगा एक्सप्रेस वे जो पूरे जिले में विकास की नई गाथा लेकर आया है. 

जी हां, शाहजहांपुर अब परिवर्तन की कहानी, सुरक्षा और सुशासन से आर्थिक समृद्धि का प्रतीक है. यह बदलाव एक दिन में नहीं हुआ है बल्कि इसके पीछे योगी आदित्यनाथ सरकार की वह दृढ़ इच्छाशक्ति है जिसने इस जिले का कायापलट कर दिया. अब बातें उनकी जो नई पहचान हैं. जिले का विख्यात और प्राचीन स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज अब विश्वविद्यालय के रूप में पहचाना जाएगा. योगी आदित्यनाथ सरकार के इस फैसले से यहां के छात्र और छात्राएं बहुत उत्साहित हैं. 

'आज हम बिना भय के शहर में कहीं भी आ जा सकते हैं'

इसी कालेज से एमए करने वाली निशा कहती हैं- ‘पहले हमें उच्च शिक्षा के लिए बरेली या लखनऊ जाना पड़ता था लेकिन अब यूनिवर्सिटी बन जाने से यहीं सारी सुविधाएं मिल जाएंगी. यह यहां की बड़ी उपलब्धि है. मां-बाप अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सशंकित नहीं रहेंगे. आज हम बिना भय के शहर में कहीं भी आ जा सकते हैं लेकिन पहले ऐसा नहीं था.’ 

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राजनीति विज्ञान से एमए करने वाले उपेंद्र सिंह कहते हैं- ‘योगी सरकार युवाओं की शिक्षा और रोजगार के लिए जितना कर रही है उतना किसी भी सरकार ने नहीं किया है. शाहजहांपुर को यूनिवर्सिटी मिलने से हमारे जैसे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों में उम्मीद की किरण जगी है.’ 

जरी जरदोजी के कारीगरों को मिला जीवनदान!

जरी जरदोजी ने तो यहां के कारीगरों को जैसे जीवनदान दे दिया है. योगी सरकार की ओडीओपी योजना यहां के कारीगरों के लिए नई जिंदगी बन गई. ये कला लगभग विलुप्त हो चुकी थी लेकिन वर्तमान सरकार ने इसको दोबारा जीवित किया. इस व्यवसाय से जुड़े मोहम्मद यासीन खान बताते हैं कि उनका परिवार कढ़ाई की इस कला से काफी अरसे से जुड़ा है लेकिन मांग कम होने के कारण हताश हो गए थे. लेकिन योगी सरकार ने ओडीओपी के माध्यम से इस कला और हमारे जैसे कारीगरों को जीवनदान दिया है. आज हमारे इस उत्पाद की मांग न केवल देश में है बल्कि दुबई और सऊदी अरब से भी डिमांड आ रही है. पहले हमारे पास 4-5 कारीगर थे अब 50 कारीगर काम कर रहे हैं. हम लोग डिमांड नहीं पूरी कर पा रहे हैं. हमारी कमाई भी सात से आठ गुना बढ़ गई है. यासीन कहते हैं- ‘इस सरकार ने वास्तव में पुरानी कलाओं को उसका गौरव वापस किया है. हमारे यहां के कारीगर भी अब हर महीने 25 से 30 हजार रुपये कमा लेते हैं.’  

सरफरोशी की तमन्ना रखने वाले आजादी की लड़ाई के रणबांकुरे पं. राम प्रसाद बिस्मिल को असली सम्मान अब हासिल हुआ है.  योगी सरकार ने उनके नाम पर जिले को मेडिकल कॉलेज का उपहार दिया है. मेडिकल कॉलेज का इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं विश्वस्तरीय हैं. करोड़ों की लागत से लैब का निर्माण किया गया है. यहां पर राज्य के छात्र तो एमबीबीएस की डिग्री हासिल ही कर रहे हैं बल्कि दूसरे राज्यों के भी छात्र यहां से डिग्री प्राप्त कर रहे हैं. प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार बताते हैं- ‘100 बेड का हॉस्पिटल बनने से यहां के मरीजों को अब दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़ता. बड़ी से बड़ी बीमारी का इलाज यहां उपलब्ध है.’ 

शाहजहांपुर से होकर गुजरेगा गंगा एक्सप्रेसवे 

शाहजहांपुर के पास आज वो हर सुविधाएं और इन्फ्रास्ट्रक्चर हैं जो एक मॉडर्न सिटी के पास होनी चाहिए. जिले से गंगा एक्सप्रेस वे जुड़ रहा है जो यहां के लोगों की पहुंच को आसान बना रहा है. औद्योगिक गलियारा का विकास तेजी से हो रहा है. अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री, चीनी मिल और अन्य फैक्ट्रियों में हजारों युवाओं को रोजगार मिल रहा है. ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है. 

विश्वकर्मा योजना की लाभार्थी सुनीता पांडे बताती हैं- ‘विश्वकर्मा योजना की वजह से ही आज मैं अपने पैरों पर खड़ी हूं और स्वावलंबी बनकर अपने परिवार का सहारा बनी हूं.’ सरकार ने सुनीता जैसी अनेक महिलाओं को दर्जी के काम में प्रयोग होने वाला किट दिया है. ड्रोन दीदी के रूप में भी महिलाएं खेतों में फर्टिलाइजर का छिड़काव करके बढ़िया धनार्जन कर रही हैं. 

जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताते हैं- ‘जिले में लॉ एंड ऑर्डर का विशेष ध्यान रखा गया है. जनसुनवाई के दौरान पीड़ितों को तुरंत मदद पहुंचाई जाती है. जिला प्रशासन 24 घंटे एक्शन मोड में रहता है.' यही वजह है कि शाहजहांपुर अब विकास की दौड़ में तेजी से फर्राटे भर रहा है. गन्ना और आलू किसानों की परेशानी के दिन बीत चुके हैं. 

डिस्क्लेमर: यह खबर प्रचार-प्रसार विभाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है.