चाइल्ड पोर्न बनाकर बेचे थे डार्क वेव को... दोषी जेई रामभवन और उसकी पत्नी को मौत की सजा, पीड़ित बच्चों को मिलेंगे इतने रुपये
UP News: चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले में बांदा कोर्ट का बड़ा फैसला. सिंचाई विभाग के जेई रामभवन और उसकी पत्नी को फांसी की सजा. 34 बच्चों के शोषण और वीडियो विदेशों में बेचने के दोष में मिली सजा.
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बांदा जिले की एक अदालत ने बहुचर्चित चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन और उसकी पत्नी को फांसी की सजा सुनाई है. कोर्ट ने इन दोनों को बच्चों के यौन शोषण और उनकी अश्लील वीडियो बनाकर विदेशों में बेचने का दोषी पाया है. अदालत ने अपने 160 पेज के फैसले में आदेश दिया है कि दोनों को तब तक फांसी पर लटकाया जाए जब तक उनकी मौत न हो जाए. साथ ही कोर्ट ने सरकार को प्रत्येक पीड़ित परिवार को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने का भी निर्देश दिया है.
विदेशों में बेचे जाते थे बच्चों के अश्लील वीडियो
सीबीआई (CBI) की जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ था कि जेई रामभवन बच्चों के साथ गंदी हरकतें करता था और उनके अश्लील वीडियो बनाकर डार्क वेव पर बेच लाखों रुपये कमाता था. साल 2020 में गिरफ्तारी के वक्त रामभवन के घर से कई डिजिटल उपकरण बरामद किए गए थे, जिनसे पोर्नोग्राफी को इंटरनेट पर अपलोड करने और विदेशों में बेचने के अहम सुराग मिले थे. इंटरपोल से मिली टिप के बाद सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की थी.
34 बच्चों के वीडियो और 74 गवाहों ने तय किया अंजाम
सरकारी वकील कमल सिंह गौतम के मुताबिक, यह मामला अक्टूबर 2020 का है. जांच के दौरान बरामद की गई पेन ड्राइव में 34 बच्चों के वीडियो और सैकड़ों आपत्तिजनक तस्वीरें मिली थीं. सीबीआई ने फरवरी 2021 में चार्जशीट दाखिल की थी और अदालत में 74 गवाहों को पेश किया. कोर्ट ने सीबीआई द्वारा पेश किए गए तमाम सबूतों को देखने के बाद इस कृत्य को जघन्य माना और दोनों दोषियों को मौत की सजा सुनाई.
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पीड़ित परिवारों को मिलेगा मुआवजा
अदालत ने इस मामले की गंभीरता और बच्चों के साथ हुए अन्याय को देखते हुए राज्य सरकार को कड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि इस अपराध से प्रभावित हुए पीड़ित बच्चों और उनके परिवारों को सरकार 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दे. इस फैसले के बाद से बांदा समेत पूरे प्रदेश में इस मामले की चर्चा हो रही है.










