यमुना एक्सप्रेसवे पर बनेगा हाइपरस्केल डेटा सेंटर, यीडा क्षेत्र में 400 करोड़ का ये निवेश प्लान जान लीजिए
Uttar Pradesh Investment News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी विजन के तहत यीडा क्षेत्र में 400 करोड़ रुपये का हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जो एआई और क्लाउड सेवाओं को बढ़ावा देगा. साथ ही इटली की सिम्प्लास्ट ग्रुप ने ऑटोमोबाइल क्षेत्र में 70 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है, जिससे उत्तर प्रदेश की डिजिटल और औद्योगिक संरचना को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
ADVERTISEMENT

Uttar Pradesh Investment News: उत्तर प्रदेश को ग्लोबल टेक्नोलॉजी हब बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी' विजन को एक और बड़ी सफलता मिली है. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में अब उत्तर भारत का एक अत्याधुनिक हाइपरस्केल डेटा सेंटर बनने जा रहा है. इसके साथ ही, ऑटोमोबाइल क्षेत्र में इटली की एक दिग्गज कंपनी ने भी निवेश की घोषणा की है.
हाइपरस्केल डेटा सेंटर: 400 करोड़ का डिजिटल निवेश
बी.के. सेल्स कॉर्पोरेशन ने यीडा क्षेत्र में लगभग 400 करोड़ रुपये के निवेश से डेटा सेंटर स्थापित करने का निर्णय लिया है. गुरुवार को यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने कंपनी को 5 एकड़ भूमि आवंटन का पत्र (LOI) सौंपा. इस डेटा सेंटर में लगभग 7000 सर्वर रैक की क्षमता होगी. इस प्रोजेक्ट की कमान कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (कैलटेक) के पूर्व छात्र करण गुप्ता के हाथों में है. भूमि हस्तांतरण के 18 महीनों के भीतर इसका संचालन शुरू करने का लक्ष्य है. परियोजना के पूर्ण होने पर लगभग 100 तकनीकी विशेषज्ञों को सीधा रोजगार मिलेगा.
AI पर फोकस
यह सेंटर विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेगमेंट, क्लाउड सेवाओं और सरकारी संस्थाओं के डिजिटल डेटा स्टोरेज को सपोर्ट करेगा. नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की निकटता के कारण यहां 24 घंटे निर्बाध बिजली और हाई-स्पीड फाइबर नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध होगी.
यह भी पढ़ें...
सिम्प्लास्ट ग्रुप का ₹70 करोड़ का निवेश: यमुना क्षेत्र बनेगा विनिर्माण हब
डिजिटल निवेश के साथ-साथ यमुना क्षेत्र में औद्योगिक विनिर्माण (Manufacturing) को भी नई गति मिली है. इटली की वैश्विक कंपनी सिम्प्लास्ट ग्रुप (Simplast Group) ने ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए ₹70 करोड़ के निवेश का एलान किया है. कंपनी उन्नत प्लास्टिक और रोटेशनल मोल्डिंग उत्पादों की विनिर्माण इकाई लगाएगी. इस निवेश में 50 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) शामिल है. इस यूनिट के माध्यम से उन्नत यूरोपीय तकनीक का हस्तांतरण भारत में होगा, जिससे स्थानीय कार्यबल को वैश्विक मानकों के अनुरूप ट्रेनिंग मिलेगी. यह इकाई न केवल घरेलू मांग को पूरा करेगी बल्कि उत्तर प्रदेश से अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए निर्यात (Export) को भी बढ़ावा देगी.
योगी सरकार की नीतियों का असर
यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार की 'डेटा सेंटर नीति' और 'सिंगल विंडो क्लियरेंस' प्रणाली के कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है. नवीकरणीय ऊर्जा (Green Energy) और अत्याधुनिक कूलिंग तकनीक के उपयोग से ये परियोजनाएं पर्यावरण के अनुकूल भी होंगी. यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे इन निवेशों से न केवल उत्तर प्रदेश की डिजिटल अवसंरचना मजबूत होगी, बल्कि सहायक उद्योगों, MSME इकाइयों और स्थानीय लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भी रोजगार के हजारों अप्रत्यक्ष अवसर पैदा होंगे.










