लेटेस्ट न्यूज़

अखिलेश यादव का चुनौती देने वाले अनुजेश सिंह के गांव वाले ही एक-एक करके गिनाने लगें ये सारी कमियां

Anujesh Singh Gaon: मुलायम सिंह यादव के परिवार की रिश्तेदारी वाले वीआईपी गांव भारोल की जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है. ग्राम सचिवालय पशुओं के बाड़े में तब्दील हो चुका है और सरकारी अस्पताल पर महीनों से ताले लटके हैं. 5000 की आबादी वाले इस गांव में आवारा पशुओं से किसान परेशान हैं और बेटियों की शिक्षा के लिए इंटर कॉलेज की कमी है.

Video Thumbnail

ADVERTISEMENT

social share
google news

Anujesh Singh Gaon: हाईवे किनारे बसा भारोल गांव जहां करीब 5000 मतदाता रहते हैं अपनी राजनीतिक रसूख के लिए जाना जाता है. मुलायम सिंह यादव के भाई अभय राम की समधिन उर्मिला यादव (पूर्व विधायक) और उनके दामाद अनुजेश प्रताप सिंह इसी गांव के निवासी हैं. लेकिन जब गांव के भीतर जाकर पड़ताल की गई तो वीआईपी टैग के पीछे बदहाली का साम्राज्य नजर आया.

कागजों पर दफ्तर, जमीन पर तबेला

गांव के ग्राम सचिवालय की स्थिति देखकर ग्रामीण तंज कसते हुए इसे जानवरों का बाड़ा कहते हैं. सरकार ने इस पर लाखों रुपये खर्च कर टाइल्स और पत्थर लगवाए जो अब टूट रहे हैं. सचिवालय के परिसर में गोबर के ढेर और गंदगी का अंबार है. ग्रामीणों का आरोप है कि यहां सेक्रेटरी कभी नहीं बैठते और गेट पर हमेशा ताला लटका रहता है. गांव में बना सरकारी अस्पताल 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रहा है. दोपहर के 12 बजे भी अस्पताल के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला. स्थानीय महिला उषा देवी ने बताया कि 'दो महीने से यहां कोई डॉक्टर नहीं आया है. मरीज आते हैं और ताला देखकर वापस लौट जाते हैं. मजबूरी में हमें 5-10 किमी दूर प्राइवेट नर्सिंग होम जाना पड़ता है.'

आवारा पशु और बदहाल सड़कें

भारोल गांव आलू की बेल्ट में आता है जहां किसानों की सबसे बड़ी समस्या आवारा गाय हैं. ग्रामीणों का कहना है कि रात-रात भर उन्हें खेतों की रखवाली करनी पड़ती है. अगर थोड़ी सी भी चूक हुई, तो पूरी फसल बर्बाद हो जाती है. इसके अलावा गांव की आरसीसी सड़कें उखड़ चुकी हैं और नालियां न होने के कारण जलभराव की समस्या बनी रहती है.

यह भी पढ़ें...

राजनीतिक बदलाव और ग्रामीणों की मांग

कभी समाजवादी पार्टी का गढ़ रहा यह परिवार अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ है. अनुजेश प्रताप सिंह भाजपा के टिकट पर चुनाव भी लड़ चुके हैं. गांव के युवाओं की मुख्य मांगें हैं. गांव में केवल कक्षा 8 तक स्कूल है. लड़कियों के लिए एक इंटर कॉलेज की सख्त जरूरत है ताकि उन्हें बाहर न जाना पड़े. हालांकि बिजली की आपूर्ति ठीक है, लेकिन बढ़ते बिजली बिल से ग्रामीण परेशान हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि चुनाव के समय नेता हाथ जोड़कर आते हैं. लेकिन जीत के बाद कोई पलटकर नहीं देखता. वर्तमान सपा विधायक सर्वेश यादव को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी दिखी.