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बहराइच SP आरएन सिंह ने कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को किया सैल्यूट, नियमों की धज्जियां उड़ने पर DGP ने किया ये काम

राम बरन चौधरी

बहराइच पुलिस लाइन में कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को सलामी और गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने पर मचा बवाल. अखिलेश यादव ने 'सलाम-सलाम' के खेल पर उठाए सवाल, तो डीजीपी ने एसपी से मांगा स्पष्टीकरण. खबर में आगे देखें क्या है पूरा विवाद और पुलिस की सफाई.

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Photo: Pundrik Goswami and SP RN Singh
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बहराइच पुलिस लाइन के परेड ग्राउंड में कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को गार्ड ऑफ ऑनर और सलामी दी गई. इसी बात को लेकर अब सियासत तेज हो गई है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव से लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने इस मामले पर तीखे सवाल पूछे हैं. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही यह मामला पुलिस मुख्यालय तक पहुंचा. इस पूरे प्रकरण पर अब एसपी से जवाब मांगा गया है. आमतौर पर यह सम्मान संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों या विशेष आधिकारिक अवसरों पर ही दिया जाता है. मगर एक कथावाचक को यह सम्मान दिए जाने से नियमों के उल्लंघन की बहस छिड़ गई है. 

अब समझिए पूरा मामला

बीते नवंबर के महीने में बहराइच पुलिस लाइन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इसमें कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी के आगमन पर एसपी राम नयन सिंह ने कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को सैल्यूट किया. पुलिस बल ने परेड की और सलामी दी. कार्यक्रम के दौरान लिए गए वीडियो और तस्वीरें जैसे ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हुईं, वैसे ही इस आयोजन की वैधता और औचित्य पर सवाल उठने लगे.

मामला सामने आने के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस पर संज्ञान लिया. डीजीपी ने पुलिस परेड ग्राउंड के उपयोग और सलामी दिए जाने की प्रक्रिया को लेकर नाराजगी जताई है. बहराइच के पुलिस अधीक्षक राम नयन सिंह से स्पष्टीकरण मांगा गया है.

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यूपी पुलिस ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, "जनपद बहराइच में आयोजित एक कार्यक्रम में पुलिस परेड ग्राउंड के अनधिकृत उपयोग का पुलिस महानिदेशक महोदय द्वारा संज्ञान लिया गया है. पुलिस परेड ग्राउंड का उपयोग केवल पुलिस प्रशिक्षण, अनुशासन एवं आधिकारिक समारोहों हेतु निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाना अनिवार्य है. निर्धारित मानकों के उल्लंघन के दृष्टिगत संबंधित पुलिस अधीक्षक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है."

अखिलेश यादव ने पूछे ये सवाल

सपा चीफ अखिलेश यादव ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, "जब पूरा पुलिस महकमा सलामी में व्यस्त रहेगा तो प्रदेश का अपराधी मस्त रहेगा. उप्र में पुलिस अपने काम में तो नाकाम है, उसका जो काम है वो तो कर नहीं रही है बल्कि अपनी सीमित क्षमताओं को और जगह व्यर्थ कर रही है. भाजपा राज में उप्र में पनप रहे बेतहाशा अपराध और माफ़िया राज पर लगाम लगाने की बजाय सलाम-सलाम का खेल खेला जा रहा है. इस घटना का संज्ञान लेनेवाला कोई है या वो भी परेड में शामिल है. भाजपा जाए तो पुलिस सही काम में लग पाए!"

बहराइच पुलिस का भी सामने आया जवाब

इस मामले में बहराइच पुलिस की ओर से भी जवाब आ गया है. बहराइच पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल से जारी बयान में कहा गया है कि 'पुलिस प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को कठिन मानसिक शारीरिक परिश्रम के कारण मानसिक अवसाद उत्पन्न होने से जनपद में विभिन्न कारणों से 28 पुलिस कर्मियों ने पुलिस सेवा से त्यागपत्र दे दिया है. पुलिसकर्मियों में प्रशिक्षण के परिश्रम से मानसिक अवसाद उत्पन्न न हो और उनका मनोबल उच्च स्तर का बना रहे, इसके निमित्त योग ध्यान और काउंसलिंग के प्रभावी तरीकों से पुलिस लाइन में प्रशिक्षुओं के चरित्र निर्माण और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा प्रदान और मानसिक अवसाद की समस्या के निवारण हेतु यह कथा का आयोजन किया गया.'

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