अखिलेश यादव ने कुंडा में किया बड़ा गेम, सपा में आए ये दिग्गज नेता, राजा भैया की बढ़ी मुश्किलें!
Kunda Assembly Seat: अखिलेश यादव ने कुंडा जाकर एक बार कहा था 'कुंडा में कुंडी लगा देंगे'. बता दें कुंडा सीट से जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया विधायक है. कुडां और बाबागंज सीट प्रतापगढ़ जिले में आती हैं. इन दोनों सीटों पर राजा भैया की मजबूत पकड़ है. सपा प्रमुख ने इन दोनों सीटों से जुड़े कई नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कराया है.
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Kunda Assembly Seat: अखिलेश यादव ने कुंडा जाकर एक बार कहा था 'कुंडा में कुंडी लगा देंगे'. बता दें कुंडा सीट से जनसत्ता दल लोकतांत्रिक के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया विधायक है. और यह सीट एक अभेद्य किला मानी जाती है. अब अखिलेश यादव इसी किले को भेदने के लिए तमाम तैयारियां कर रहे हैं. कुडां और बाबागंज सीट प्रतापगढ़ जिले में आती हैं. इन दोनों सीटों पर राजा भैया की मजबूत पकड़ है. सपा प्रमुख ने इन दोनों सीटों से जुड़े कई नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कराया है. जो राजा भैया के लिए चुनौती का संकेत माना जा रहा है.
बीजेपी से सपा में आए योगेंद्र और केशव
अखिलेश यादव ने जिन नेताओं को सपा में शामिल कराया है, उनमें प्रमुख नाम योगेंद्र मिश्रा और केशव पासी का है. योगेंद्र मिश्रा कुंडा और बाबागंज सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं और वह भारतीय जनता पार्टी छोड़कर सपा में आए हैं. केशव पासी भी बीजेपी छोड़कर सपा में शामिल हुए हैं. वह बाबागंज सीट से पूर्व प्रत्याशी रह चुके हैं. इनके अलावा सीतापुर की सेवता विधानसभा से पूर्व प्रत्याशी आशीष प्रताप सिंह ने भी सपा का दामन थामा है. बता दें इससे पहले भी रानीगंज के रहने वाले पूर्व विधायक राम शिरोमणि शुक्ला को भी सपा में शामिल कराया गया था.
शैलेंद्र कुमार को टिकट मिलने की चर्चा
प्रतापगढ़ की राजनीति में शैलेंद्र कुमार का नाम भी काफी चर्चा में है. 2019 के चुनाव में वह जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से कौशांबी सीट पर प्रत्याशी रहे थे और उन्हें राजा भैया का करीबी माना जाता था. कुछ समय पहले ही शैलेंद्र कुमार की अखिलेश यादव से मुलाकात हुई थी. अब सियासी गलियारों में यह अटकलें तेज हैं कि सपा उन्हें बाबागंज या कौशांबी की चायल सीट से अपना उम्मीदवार बना सकती है.
अखिलेश और राजा भैया के कैसे हैं रिश्ते?
अखिलेश यादव की सरकार में मंत्री रहे राजा भैया के रिश्ते अब सपा से खराब हो गए हैं. 2017 के बाद से दोनों के बीच तल्खियां बढ़ी हैं. अखिलेश यादव ने एक बार कुंडा में बयान दिया था कि 'कुंडा में कुंडी लगा देंगे'. इसके जवाब में राजा भैया ने कहा था कि ऐसा कोई पैदा नहीं हुआ जो कुंडा में कुंडी लगा सके. बता दें पिछले विधानसभा चुनाव में भी सपा ने राजा भैया के खिलाफ उनके ही पूर्व सहयोगी गुलशन यादव को मैदान में उतारा था, जिसके कारण राजा भैया की जीत का मार्जिन काफी कम हुआ था.
समाजवादी पार्टी से दूरी बनने के बाद अब राजा भैया भारतीय जनता पार्टी के करीब नजर आते हैं. वह लगातार राम और सनातन धर्म की बात करते हुए नजर आते हैं और सपा पर निशाना साधते हैं.
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