नीले ड्रम केस में फांसी की सजा सुनते ही रो पड़े मुस्कान-साहिल, जेल में दोनों की हो रही काउंसलिंग
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मेरठ के सौरभ राजपूत हत्याकांड में फांसी की सजा के बाद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला सदमे में हैं. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जब अदालत ने अपना फैसला सुनाया, तो दोनों कैदी फूट-फूट कर रोने लगे. अब जेल प्रशासन ने दोनों की निगरानी बढ़ा दी है और काउंसलिंग की जा रही है.
मेरठ की एक अदालत ने मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा सुनाई है. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जब अदालत ने अपना फैसला सुनाया, तो दोनों कैदी फूट-फूट कर रोने लगे और उनकी मानसिक स्थिति काफी खराब हो गई. फैसले के वक्त उनके चेहरे के हावभाव पूरी तरह बदल गए थे. इस बड़े फैसले के बाद जेल प्रशासन ने दोनों की निगरानी बढ़ा दी है. फांसी की सजा सुनने के बाद से ही दोनों गहरे सदमे में हैं, जिसके चलते जेल अधिकारी उन्हें भावनात्मक समर्थन देने के लिए लगातार काउंसलिंग कर रहे हैं.
महिला बैरक में बेटी संग मुस्कान
मुस्कान को जेल की महिला बैरक में रखा गया है. उसके साथ उसकी पांच साल की बेटी भी रह रही है. कानून के अनुसार कोई भी बच्चा छह साल की उम्र तक अपनी मां के साथ जेल में रह सकता है. सुरक्षा के लिहाज से मुस्कान को बाकी कैदियों से अलग रखा गया है. उसने जेल स्टाफ से ऊपरी अदालत में अपील करने और कागजी कार्रवाई को लेकर जानकारी मांगी है, जिसके लिए उसे कानूनी मदद भी उपलब्ध कराई जा रही है.
जेल में काम और सुरक्षा व्यवस्था
जेल में दोनों कैदियों के लिए अलग-अलग बैरक बनाए गए हैं और उनकी सुरक्षा के बेहद खास इंतजाम किए गए हैं. जेल का स्टाफ लगातार इन दोनों पर कड़ी नजर रख रहा है. जेल के अंदर साहिल को बाल व्यवस्था और बागवानी का काम सौंपा गया है. वहीं, मुस्कान को कौशल विकास से जुड़े कार्यों में लगाया गया है ताकि वे खुद को व्यस्त रख सकें.
परिवार से नहीं हुई कोई मुलाकात
अदालत से फांसी की सजा मिलने के बाद अभी तक मुस्कान और साहिल की उनके परिवार वालों से कोई मुलाकात नहीं हो पाई है. जेल प्रशासन ने साफ किया है कि परिवार से मिलने के लिए मुलाकात के नियमों का पूरी तरह से पालन करना होगा. इस बीच अदालत के फैसले के खिलाफ अब इन दोनों की तरफ से हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
