नवरात्रि के बीच सपा नेताओं पर चिकन पार्टी करने का आरोप, दावत में पहुंचे थे रामजीलाल सुमन?
पीलीभीत में नवरात्रि के दौरान सपा सांसद रामजीलाल सुमन का चिकन पार्टी करते वीडियो वायरल होने से सियासी विवाद छिड़ गया है. बीजेपी ने सवाल उठाए, जबकि समाजवादी पार्टी ने पलटवार कर इसे मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया.
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उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है. एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी सॉफ्ट हिंदुत्व और PDA समीकरण को साधने में जुटी है. वहीं पीलीभीत से सामने आए एक वीडियो ने सियासी भूचाल ला दिया है. नवरात्रि के पर्व के दौरान सपा के राष्ट्रीय महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन और अन्य नेताओं का एक चिकन पार्टी करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसके बाद सत्ताधारी बीजेपी और सपा आमने-सामने आ गए हैं.
क्या है पूरा मामला और वायरल वीडियो?
यह वीडियो करीब 3 दिन पुराना बताया जा रहा है. सपा सांसद रामजीलाल सुमन पीलीभीत में एक पीडीए सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे थे.कार्यक्रम के बाद 13 अक्टूबर को वह पीलीभीत सदर विधानसभा सीट से पार्टी के दावेदार मोहम्मद आरिफ के घर पहुंचे थे. वायरल वीडियो और तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि रामजीलाल सुमन और अन्य सपा नेता चटनी के साथ फ्राई चिकन का आनंद ले रहे हैं. नवरात्रि के दिनों में इस तरह का वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
बीजेपी के तीखे सवाल
उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री एवं पीलीभीत के विधायक संजय सिंह गंगवार ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए सपा पर तीखा हमला बोला है. मंत्री ने कहा कि इस घटना ने समाजवादी पार्टी का असली चरित्र जनता के सामने ला दिया है. एक तरफ अखिलेश यादव सनातन का दिखावा करते हैं तो दूसरी तरफ उनके वरिष्ठ सांसद नवरात्रि जैसे पवित्र त्योहार में मांसाहार कर रहे हैं. संजय सिंह गंगवार ने यह भी सवाल उठाया कि जब प्रशासन द्वारा इस दौरान मीट की दुकानें बंद रखने के निर्देश हैं तो यह मांस कहां से आया? उन्होंने इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए जिला प्रशासन को पत्र लिखने की बात कही है.
समाजवादी पार्टी का पलटवार
बीजेपी के हमलों का जवाब देते हुए सपा के जिला अध्यक्ष धर्मेश गंगवार ने पलटवार किया है.उन्होंने कहा कि बीजेपी के नेता और अन्य पदाधिकारी जब बंगाल या अन्य जगहों पर चुनाव के दौरान मंदिर जाकर मछली-भात खाते हैं, तब भाजपा को कोई आपत्ति नहीं होती. यूपी में भी कई नेता सावन या अन्य पर्वों पर ऐसे आयोजन करते हैं तब बीजेपी चुप रहती है.सपा ने आरोप लगाया कि असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए बीजेपी इस तरह के मामलों को तूल दे रही है.
