11 दिसंबर तक वक्री रहेंगे शनिदेव, इन 5 राशियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, जानें उपाय
ज्योतिष शास्त्र में न्याय के देवता शनि देव 27 जुलाई से मीन राशि में वक्री (उल्टी चाल) हो चुके हैं और 11 दिसंबर 2026 तक इसी अवस्था में रहेंगे. इस दौरान वक्री शनि का असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन मेष, मिथुन, सिंह, कन्या और मीन राशि के जातकों के जीवन में आर्थिक तंगी, करियर में रुकावटें, पारिवारिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं.
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ज्योतिष शास्त्र में न्याय के देवता और कर्मफलदाता माने जाने वाले शनि देव 27 जुलाई को मीन राशि में वक्री (उल्टी चाल) हो चुके हैं. द्रिक पंचांग के अनुसार, शनि देव 11 दिसंबर 2026 तक इसी अवस्था में रहेंगे. शनि की इस वक्री चाल का असर सभी राशियों पर पड़ेगा. लेकिन 5 खास राशियों को 11 दिसंबर तक विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.

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मेष राशि के जातकों के लिए वक्री शनि आर्थिक और व्यावसायिक चुनौतियां ला सकते हैं. इस दौरान अचानक बड़े खर्चे सामने आने से बजट गड़बड़ा सकता है. कार्यस्थल पर सहकर्मियों या वरिष्ठों से मतभेद की आशंका है. 11 दिसंबर तक पैसों के लेन-देन में कोई जोखिम न लें और नया निवेश करने से बचें.

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मिथुन राशि वालों को इस अवधि में सेहत और करियर पर विशेष फोकस करना होगा. बनते हुए कामों में बेवजह की देरी हो सकती है. भागदौड़ के कारण शारीरिक व मानसिक थकान बनी रहेगी. जल्दबाजी में बड़ा फैसला लेने से बचें, अपनी दिनचर्या और खान-पान में सुधार रखें तथा किसी भी विवाद से दूर रहें.

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सिंह राशि के जातकों को पारिवारिक जीवन और लेन-देन में सतर्क रहना होगा. घर में अनबन या तनाव की स्थिति बन सकती है. व्यापार से जुड़े लोगों को गुप्त शत्रुओं से नुकसान होने की संभावना है. अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और उग्र होने से बचें. पैसों से जुड़े हर लेन-देन में लिखापढ़ी जरूर करें.

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कन्या राशि वालों के लिए वक्री शनि करियर और वैवाहिक जीवन में चुनौतियां ला सकते हैं. जीवनसाथी के साथ बातचीत की कमी से गलतफहमी बढ़ सकती है. नौकरीपेशा लोगों पर काम का अतिरिक्त बोझ रहेगा. इस समय धैर्य बनाए रखें और पार्टनर के साथ खुलकर संवाद स्थापित करें.

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शनिदेव मीन राशि में ही उल्टी चाल चल रहे हैं, इसलिए इस राशि के जातकों पर सबसे ज्यादा असर दिखेगा. मन में अनजाना भय, तनाव या फैसला न ले पाने की स्थिति बन सकती है. कड़ी मेहनत के बावजूद परिणाम मिलने में देरी होगी. किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा न करें और अपनी योजनाओं पर सतर्कता से काम करें.

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शनि के प्रकोप को शांत करने के लिए नियमित रूप से हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करें. शनिवार को सरसों के तेल, काले तिल, उड़द दाल या काले कपड़ों का दान करें. शनिवार की शाम पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें.
