Kendra Yog 2026: सूर्य-वरुण की टक्कर से मचेगी उथल-पुथल! इन 4 राशियों पर मंडरा रहा संकट, ज्योतिष ने दी बड़ी चेतावनी
26 जून को सूर्य और वरुण (नेप्च्यून) ग्रह के बीच बनने वाला केंद्र योग ज्योतिष की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इस ग्रह स्थिति का प्रभाव विशेष रूप से कुछ राशि के जातकों पर पड़ सकता है.
ADVERTISEMENT

1/8
द्रिक पंचांग के अनुसार 26 जून को सूर्य और वरुण (नेप्च्यून) ग्रह एक-दूसरे से 90 डिग्री के कोण पर होंगे. ज्योतिष में इस स्थिति को केंद्र योग या समकोण दृष्टि योग कहा जाता है, जिसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील ग्रह स्थिति माना जाता है.

2/8
जब दो प्रभावशाली ग्रह चौथे या दसवें भाव की दूरी पर स्थित होते हैं, तो उनके बीच ऊर्जा का टकराव और आंतरिक तनाव पैदा होता है. इसका असर व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और व्यवहार पर दिखाई दे सकता है.

3/8
सूर्य आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा, नेतृत्व क्षमता और जीवन ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि वरुण ग्रह कल्पनाओं, रहस्यों, भ्रम और अवचेतन मन से जुड़ा माना जाता है. इन दोनों ग्रहों का यह योग कई लोगों के लिए मानसिक उलझन और व्यावहारिक चुनौतियां पैदा कर सकता है.

4/8
मेष राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेदों का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ सकती है. इस दौरान धैर्य बनाए रखें और जल्दबाजी में कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें. सूर्य को नियमित जल अर्पित करना लाभकारी रहेगा.

5/8
मिथुन राशि के लोग करियर को लेकर भ्रम या असमंजस की स्थिति में आ सकते हैं. कई महत्वपूर्ण कार्यों में अचानक रुकावटें भी आ सकती हैं. किसी भी निवेश या बड़े आर्थिक फैसले से पहले अनुभवी व्यक्ति या गुरु की सलाह अवश्य लें.

6/8
कन्या राशि के जातकों को साझेदारी से जुड़े मामलों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. वैवाहिक जीवन में भी गलतफहमियां बढ़ने की आशंका है. ऐसे समय में स्पष्ट संवाद बनाए रखना और बेवजह संदेह करने से बचना जरूरी होगा.

7/8
धनु राशि वालों के पारिवारिक जीवन में कुछ असंतुलन या तनाव पैदा हो सकता है. संपत्ति या जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में विवाद की संभावना भी बन सकती है. मानसिक शांति बनाए रखने के साथ शुक्रवार को सफेद वस्तुओं का दान करना शुभ माना गया है.

8/8
केंद्र योग के प्रभाव को संतुलित करने के लिए प्रतिदिन तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करें. नियमित ध्यान और प्राणायाम से मन को स्थिर रखें. साथ ही 26 जून और उसके आसपास के कुछ दिनों तक बड़े निवेश, महत्वपूर्ण वित्तीय लेन-देन और जरूरी कागजी कार्यों में अतिरिक्त सावधानी बरतें.