यूपी के 2.17 करोड़ किसानों के खाते में पहुंचे पैसे, PM किसान योजना के जरिए कैसे आय सहायता पा रहे हैं किसान?
PM-KISAN योजना के तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता मिलती है, जो तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है. 23वीं किस्त में उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से ज्यादा किसानों को 4,352.40 करोड़ रुपये मिले.
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2019 में गोरखपुर से शुरू हुई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना अब देशभर के भूमिधारक किसान परिवारों के लिए आर्थिक मदद का बड़ा जरिया बन चुकी है. इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये दिए जाते हैं. नवीनतम किस्त में उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से ज्यादा किसान लाभार्थियों में शामिल रहे.

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PM-KISAN की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से हुई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यहीं से इस योजना को लॉन्च किया था. योजना का मकसद देश के किसानों को सीधे आर्थिक सहायता पहुंचाना है.

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यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है, जिसका पूरा खर्च भारत सरकार उठाती है. पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये मिलते हैं. रकम 2,000-2,000 रुपये की तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है.

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किसानों को पैसा DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए मिलता है. इसके लिए e-KYC और आधार को बैंक खाते से सीड करना जरूरी है. केंद्र सरकार ने PM-KISAN को 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी भी दी है. इसके लिए 3.15 लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया है.

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योजना की 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी. इसमें देशभर के 9.44 करोड़ से ज्यादा किसानों के खातों में 18,880 करोड़ रुपये से ज्यादा ट्रांसफर किए गए. इसमें सबसे बड़ा राज्यवार हिस्सा उत्तर प्रदेश के किसानों को मिला. यूपी के 2.17 करोड़ से ज्यादा पात्र किसानों को इसी किस्त में 4,352.40 करोड़ रुपये मिले.

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इलाहाबाद विश्वविद्यालय के कृषि-आर्थिक अनुसंधान केंद्र के 2022 के एक अध्ययन में उत्तर प्रदेश में योजना के असर का आकलन किया गया. कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रायोजित इस अध्ययन में पाया गया कि ज्यादातर लाभार्थी छोटे और सीमांत किसान थे, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन थी. किसानों ने इस रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से जुताई, खाद और बीज जैसे जरूरी कृषि खर्चों में किया.

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अध्ययन के मुताबिक PM-KISAN का लाभ पाने वाले खेतों में धान की उपज 3.08% और गेहूं की उपज 1.93% ज्यादा दर्ज हुई, जबकि गैर-लाभार्थी खेतों में यह कम थी. लाभार्थी परिवारों की शुद्ध कृषि आय में भी 9.85% की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसके अलावा PM-KISAN लाभार्थी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लिए आवेदन कर सकते हैं. KCC को योजना से जोड़ा गया है, जिससे किसानों को कम ब्याज दर पर अल्पकालिक कर्ज मिल सकता है.

