बाहुबली राजा भैया का महल 'भदरी'... देखें कुंडा के राजघराने की वैभवशाली झलक
Raja Bhaiya Bhadri Riyasat: राजा भैया और भदरी रियासत की शाही जिंदगी अक्सर चर्चा में रहती है. देखें प्रतापगढ़ स्थित बेंती राजभवन की आलीशान कोठी, भव्य हॉल, खूबसूरत बगीचे और मंदिर की 10 आलीशान तस्वीरें.
ADVERTISEMENT

1/10
भदरी रियासत के राजा उदय प्रताप सिंह हैं का जन्म 23 सितंबर 1939 को हुआ था. उन्होंने अपनी शिक्षा देहरादून के प्रसिद्ध 'दून स्कूल' से पूरी की. वे गोद लिए जाने के बाद इस रियासत के उत्तराधिकारी बने थे.राजा उदय प्रताप सिंह की शादी समथर के महाराजा राधा चरण सिंह की बेटी रानी मंजुल राजे से हुआ.
2/10
वहीं कुंवर रघुराज प्रताप सिंह जिन्हें पूरी दुनिया राजा भैया के नाम से जानती है उनका जन्म 31 अक्टूबर 1969 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा में हुआ था. उनकी शुरुआती शिक्षा इलाहाबाद के महाप्रभु बाल विद्यालय, भारत स्काउट स्कूल और कर्नलगंज इंटर कॉलेज में हुई.

3/10
राजा भैया ने लखनऊ विश्वविद्यालय से LL.B. की डिग्री हासिल की है. पढ़ाई के बाद उन्होंने बहुत कम उम्र में राजनीति में प्रवेश किया और साल 1993 से वे लगातार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य (MLA) हैं.

4/10
इस खबर में हम आपको राजा भैया के साथ-साथ उनकी भदरी रियासत की कुछ शानदार तस्वीरें भी दिखाएंगे जो अंदर से बेहद आलीशान है. बेंती राजभवन, जो उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कुंडा तहसील में मानिकपुर के पास स्थित है. यह महल राजा उदय प्रताप सिंह के इतिहास से जुड़ा है और वर्तमान में रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) के निवास के रूप में जाना जाता है.

5/10
महल का मुख्य द्वार वास्तु कला और मजबूती के साथ खूबसूरती की एक नजीर पेश करता है. यह किले में प्रवेश का मुख्य रास्ता है. राजा भैया बाहर आते जाते समय अक्सर यहां से निकलते दिख जाते हैं.

6/10
कोठी में एक विशाल और खुला प्रांगण है जो पारंपरिक राजपूत और उत्तर-भारतीय स्थापत्य शैली को दर्शाता है.यह कोठी की सुंदरता में चार चांद लगाता है .अक्सर जनता दरबार में या सामूहिक मिलन में राजा भैया और उनके परिवार के लोग यहां लोगों से भेंट करते हैं.

7/10
यह एक विशाल आवासीय कोठी है जिसमें कई बड़े कमरे, दालान और शाही जीवनशैली की झलक मिलती है. इस कोठी में राजा भैया के परिवार के साथ उनके कर्मचारियों के ठहरने की व्यवस्था भी की गई है.

8/10
कोठी के परिसर में व्यवस्थित और सुंदर बगीचे बने हुए हैं जो इसके आकर्षण को बढ़ाते है. इन बगीचों में विभिन्न प्रकार की दुर्लभ प्रजातियों के फल व फूलों के पेड़ लगे हुए हैं जो महल की सुंदरता को और बढ़ाते हैं.
9/10
कोठी के भीतर एक भव्य हॉल है जिसका उपयोग पुराने समय में दरबार के रूप में और वर्तमान में राजनीतिक बैठकों के लिए किया जाता है.आगंतुक अतिथियों की व्यवस्था यहीं की जाती है.

10/10
महल के भीतर हनुमान जी का बहुत भव्य मंदिर बना हुआ है जिसमें राजा भैया और उनका परिवार प्रतिदिन पूजा -अर्चना करता है.