वायरल हो गया था बागपत का लंगूर 'मटरू'.... अब उसको लेकर सामने आई ये खबर
Matru Langur Baghpat: यूपी के बागपत में डीएम की कुर्सी पर बैठने वाले मशहूर 'मटरू' लंगूर का वन विभाग ने रेस्क्यू कर लिया है. जानें अखिलेश यादव के तंज से लेकर डीएम की कुर्सी तक मटरू के वायरल सफर की 7 बड़ी बातें.
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इंटरनेट सेंसेशन बना 'मटरू' लंगूर: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में 'मटरू' नाम का लंगूर पिछले काफी समय से कलेक्ट्रेट परिसर का नियमित सदस्य बन गया था. वह अक्सर सरकारी दफ्तरों के आसपास घूमता नजर आता था, लेकिन उसकी असली पहचान तब बनी जब उसने सीधे जिले के आला अधिकारियों के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराई.

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जब डीएम की कुर्सी पर जा बैठा मटरू: किसान दिवस की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान नजारा तब फिल्मी हो गया जब मटरू अचानक अधिकारियों के बीच जा पहुँचा. उसने बिना किसी डर के सीधे जिलाधिकारी अस्मिता लाल की ओर रुख किया. लंगूर के आत्मविश्वास को देख वहां मौजूद सभी लोग और सुरक्षाकर्मी हैरान रह गए.

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डीएम अस्मिता लाल का सहज व्यवहार: आमतौर पर लंगूर को सामने देखकर लोग घबरा जाते हैं, लेकिन डीएम अस्मिता लाल ने बेहद शांत और सहज व्यवहार दिखाया. जब मटरू उनके पास पहुँचा, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए तुरंत अपनी कुर्सी छोड़ दी और लंगूर को सम्मानपूर्वक अपनी सीट पर बैठने का इशारा किया.

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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो: मटरू का डीएम की कुर्सी पर बैठकर मीटिंग की 'अध्यक्षता' करने का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया. रातों-रात मटरू एक बड़ा इंटरनेट सेलिब्रिटी बन गया और लोग उसकी इस बेखौफ अंदाज की चर्चा हर तरफ करने लगे, जिससे बागपत प्रशासन सुर्खियों में आ गया.

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अखिलेश यादव का सियासी तंज: मटरू लंगूर की लोकप्रियता का आलम यह था कि इसकी चर्चा सियासी गलियारों तक पहुँच गई. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने इस वीडियो को साझा करते हुए सरकार पर चुटीला तंज कसा, जिसके बाद मटरू का मामला पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका था.

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बढ़ती आक्रामकता ने बढ़ाई चिंता: शुरुआत में मटरू लोगों के साथ दोस्ताना व्यवहार करता था, लेकिन धीरे-धीरे उसकी गतिविधियां अनियंत्रित और आक्रामक होने लगीं. कलेक्ट्रेट में आने वाले फरियादियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने उसकी बढ़ती शरारतों पर लगाम लगाने का फैसला किया.

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वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू: किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए वन विभाग की टीम ने कलेक्ट्रेट परिसर में ऑपरेशन चलाया. टीम ने मटरू लंगूर को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया और उसे अपने साथ ले गई. अब मटरू को कलेक्ट्रेट की भीड़भाड़ से दूर प्राकृतिक वातावरण में छोड़ दिया गया है.
