Apara Ekadashi 2026: अपरा एकादशी पर भगवान विष्णु की कृपा से खुलेंगे सफलता के द्वार, इन 3 राशियों को मिलेगा बड़ा फायदा
अपरा एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी व्रत माना जाता है, जिसे अचला एकादशी भी कहा जाता है. यह भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इसके प्रभाव से पापों का नाश तथा सुख-समृद्धि की प्राप्ति मानी जाती है. इस बार यह व्रत कुछ राशियों के लिए विशेष लाभकारी माना जा रहा है.
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हिंदू धर्म में अपरा एकादशी को अत्यंत शुभ और पुण्य फल देने वाला व्रत माना जाता है. इसे अचला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. यह व्रत ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है और भगवान विष्णु को समर्पित होता है.

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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अपरा एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के जीवन के कई पापों का नाश होता है. साथ ही भगवान विष्णु की कृपा से सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है.

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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस बार अपरा एकादशी कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ मानी जा रही है. माना जा रहा है कि इस दिन से कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव शुरू हो सकते हैं.

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मेष राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास और प्रगति लेकर आ सकता है. नौकरी और करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं. कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिलने के भी संकेत हैं.

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वृषभ राशि वालों के लिए अपरा एकादशी लाभकारी साबित हो सकती है. व्यापार और आर्थिक मामलों में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है. लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रह सकती है.

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सिंह राशि के लोगों को इस दौरान मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. निवेश से लाभ मिलने के योग बन रहे हैं और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए समय काफी अनुकूल माना जा रहा है.

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अपरा एकादशी व्रत की शुरुआत एक दिन पहले सात्विक भोजन से करने की सलाह दी जाती है. एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की जाती है.

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पूजा के दौरान भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल और फल अर्पित किए जाते हैं. श्रद्धालु पूरे दिन व्रत रखते हैं और रात में भजन-कीर्तन व जागरण करते हैं. इसके बाद द्वादशी तिथि पर विधिपूर्वक व्रत का पारण किया जाता है.
